भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाज़ार... IATA summit बोले PM Modi

By अंकित सिंह | Jun 02, 2025

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आईएटीए (अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ) के सालाना आम बैठक को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय विमानन क्षेत्र वैश्विक हवाई परिवहन उद्योग में एक प्रमुख इकाई है। उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र के लिए भारत के पास एक बाजार, प्रौद्योगिकी एवं नवोन्मेष के लिए प्रतिभा और मुक्त एवं सहयोगी नीति मौजूद है। पीएम ने दावा किया कि भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा घरेलू नागर विमानन बाजार है। भारत विश्वस्तरीय हवाई अड्डों में निवेश कर रहा है, हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 162 हुई। 

मोदी ने कहा कि भारत इन सभी संभावनाओं के लिए तैयार है। मैं भारत के तीन मजबूत स्तंभों का उल्लेख करता हूँ जो इसके लिए आधार हैं- पहला, भारत के पास बाज़ार है। यह बाज़ार सिर्फ़ उपभोक्ताओं का समूह नहीं है, बल्कि भारत के आकांक्षी समाज का प्रतिबिंब भी है। दूसरा, हमारे पास प्रौद्योगिकी और नवाचार के लिए जनसांख्यिकी और प्रतिभा है। हमारे युवा नए युग के नवोन्मेषक हैं जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सफलताएँ ला रहे हैं। तीसरा, हमारे पास उद्योग के लिए खुली और सहायक पारिस्थितिकी तंत्र नीति है। इन तीन क्षमताओं के आधार पर हमें भारत के एविएशन सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है। हमारी उड़ान योजना की सफलता भारतीय नागरिक उड्डयन का एक स्वर्णिम अध्याय है। इस योजना के तहत 15 मिलियन से अधिक यात्रियों को किफायती हवाई यात्रा की सुविधा मिली है। कई नागरिकों ने पहली बार हवाई यात्रा की। हमारी एयरलाइंस भी लगातार दोहरे अंकों की वृद्धि हासिल कर रही हैं। 

इसे भी पढ़ें: IPL 2025 Final PBKS vs RCB: जानें नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच रिपोर्ट और आंकड़े

उन्होंने कहा कि भारतीय और विदेशी एयरलाइंस को मिलाकर हमारे देश में हर साल लगभग 240 मिलियन यात्री हवाई यात्रा करते हैं...2030 तक यह संख्या 500 मिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है...हम विश्व स्तरीय हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे में निवेश कर रहे हैं। 2014 तक भारत में 74 परिचालन हवाई अड्डे थे। आज यह संख्या बढ़कर 162 हो गई है। भारतीय वाहकों ने 2000 से अधिक विमानों के ऑर्डर दिए हैं यह न केवल भौगोलिक सीमाओं को पार करेगा, बल्कि इसे स्थिरता, हरित गतिशीलता और न्यायसंगत पहुंच की दिशा में भी ले जाएगा। 

प्रमुख खबरें

Mallikarjun Kharge ने PM Modi को लिखा पत्र, Nepal बाढ़ में फंसे भारतीयों की वापसी की मांग

Russia-Ukraine War: Kyiv पर भीषण Air Strike में 37 की मौत, लापरवाही पर Zelenskyy ने दिखाई भारी सख्ती

Congress के पास नहीं कोई मुद्दा! CM Dhami का राहुल गांधी पर वार: शुद्धिकरण को लेकर सियासत बंद करो

MMDR Act Amendments पर छिड़ा घमासान, Odisha के खनिज अधिकारों के लिए Supreme Court जा सकती है BJD