Prabhasakshi Exclusive: Russia-Ukraine War को बंद करवाने के मिशन को पूरा करने के बेहद करीब है भारत!

By नीरज कुमार दुबे | Sep 11, 2024

प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क के खास कार्यक्रम शौर्य पथ में इस सप्ताह हमने ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) से जानना चाहा कि यूक्रेन ने रूस में अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया है। यह युद्ध अब किस दिशा में बढ़ रहा है? हमने यह भी जानना चाहा कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन संघर्ष के संबंध में भारत का नाम उन तीन देशों में शामिल किया था जिनसे वह लगातार संपर्क में हैं। साथ ही एनएसए अजित डोवाल भी ब्रिक्स बैठक में हिस्सा लेने के लिए रूस जाने वाले हैं। इसे कैसे देखते हैं आप? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि यूक्रेन बीच-बीच में दूसरों से मिली शक्ति का प्रदर्शन रूस में कर रहा है लेकिन इससे उसे कुछ भी हासिल नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन ना तो अब तक रूस के किसी क्षेत्र पर पूरी तरह कब्जा कर पाया है ना ही रूस के कब्जे से अपने किसी क्षेत्र को अब तक छुड़ा पाया है। उन्होंने कहा कि जेलेंस्की के हर हमले का जिस तरह पुतिन बड़े संयम के साथ तीखा जवाब देते हैं उससे यूक्रेन तबाह होता जा रहा है।

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ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि जहां तक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की मॉस्को यात्रा की बात है तो यह दरअसल ब्रिक्स देशों के एनएसए की बैठक है। हालांकि इस यात्रा के अन्य उद्देश्य भी हैं। उन्होंने कहा कि एनएसए अजीत डोभाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई संदेश रूसी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तक पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि रूसी नेतृत्व को यूक्रेनी राष्ट्रपति का कोई संदेश भी पहुँचाया जाये। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं वोलोदमीर ज़ेलेंस्की और व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक में कहा है कि भारत इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए सक्रिय तरीके से योगदान करने में प्रसन्न होगा। उन्होंने कहा कि अब हम जो देख रहे हैं वह समाधान खोजने की दिशा में भारत के बढ़ते कदम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि भारत अपने मिशन को कामयाब बनाने के बेहद करीब है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स और ब्रिक्स प्लस उच्च स्तरीय सुरक्षा अधिकारियों की बैठक 10-12 सितंबर को सेंट पीटर्सबर्ग में होने वाली है। उन्होंने कहा कि रूस वर्ष 2024 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाल रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। उन्होंने कहा कि नए सदस्य मिस्र, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब और इथियोपिया भी इस समूह में शामिल हो रहे हैं।

ब्रिगेडियर श्री डीएस त्रिपाठी जी (सेवानिवृत्त) ने कहा कि दूसरी ओर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस सप्ताह सोमवार को सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दोनों मंत्रियों के बीच बातचीत भारत-खाड़ी सहयोग परिषद के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हुई। उन्होंने कहा कि दोनों मंत्री खाड़ी सहयोग परिषद की मंत्रिस्तरीय बैठकों में भाग लेने के लिए सऊदी अरब की राजधानी में थे। उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह पुतिन ने भारत का नाम उन तीन देशों में लिया था, जिनके साथ वह यूक्रेन संघर्ष को लेकर लगातार संपर्क में हैं और कहा था कि वे इसे सुलझाने के लिए ईमानदारी से प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुतिन की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की यूक्रेन की ऐतिहासिक यात्रा के दो सप्ताह के भीतर आई थी जहां उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बातचीत की थी।

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