स्वदेशी AI 'BharatGen' देगा ChatGPT-Gemini को टक्कर, 22 भारतीय भाषाओं में करेगा काम

By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 06, 2026

इसमें कोई दोहराए नहीं है कि, जबसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आया तबसे तकनीकी दुनिया पूरी तरह से बदल गई है। अब एआई के जरिए लोग अपना कार्य मिनटों में कर लेते हैं। हर फील्ड में एआई अपना कमाल दिखा रहा है। भारत सरकार की खास योजना भारतजेन (BharatGen) अपने आखिरी चरण पर आ पहुंचा है। हालिए में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया है कि इस महीने के अंत तक यह एआई सिस्टम भारत की सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में लिखने में सक्षम हो जाएगा। खासतौर पर इसके जरिए 15 भाषाओं में लिखने के साथ-साथ बोलने और तस्वीरों को पहचानने की सुविधा विकसित करता है। आपको बताते चलें कि भारतजेन को अक्तूबर 2024 में लॉन्च किया गया था। यह सरकार की एक प्रमुख परियोजना है, जिसके जरिए भारत के लिए एक प्रभुत्व AI मॉडल विकसित किया जाएगा। 


क्या है भारतजेन एआई?


- आपको बता दें कि, भारतजेन पूरी तरह से देश में विकसित मल्टीमॉडल जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिस्टम है। इसका मकसद है कि इंटरनेट की दुनिया में भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना है। यह सिस्टम मुख्य रुप से तीन काम करेगा। इसमें स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-स्पीच और पत्रम नाम का भारत का पहला डॉक्यूमेंट-विजन मॉडल भी तैयार किया गया है। ये सभी मॉडल मिलकर टेक्ट, वॉइस और दस्तावेजों पर काम करने वाला एक पूरा एआई सिस्टम बनाते हैं।


 - भारतजेन को आईआईटी बॉम्बे के नेतृत्व में आईआईटी मद्रास, कानपुर, हैदराबाद और इंदौर जैसे कई संस्थानों के द्वारा तैयार किया गया है। बता दें कि, इस एआई मॉडल को करीब 300 करोड़ पैरामीटर वाले टेक्स्ट मॉडल से ट्रेल किया गया है। 


- भारतजेन को IBM, Zoho, NASSCOM, जल एवं स्वच्छता मंत्रालय और कई राज्य सरकारों द्वारा सहयोग प्राप्त हो रहा है। हालिए में भारत AI मिशन के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इस परियोजना को 1,058 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता प्रदान करेगी। 


आम आदमी के लिए क्यो खास है भारतजेन?


यह भारतजेन कई तरीके से नागरिकों की मदद कर सकता है, जिसके लिए इसमें इस्तेमाल आधारित अलग-अलग फीचर पेश किए गए हैं। उदाहरण के तौर पर, 'कृषि साथी' के जरिए किसान अपनी स्थानीय भाषा में बोलकर खेती की सलाह ले सकते हैं, वहीं 'ई-विक्रएआई' छोटे दुकानदारों को अपने उत्पादों का शानदार विवरण तैयार करने में मदद करता है। वहीं, 'डॉकबोध' जैसे प्लेटफॉर्म मुश्किल कानूनी या सरकारी कागजों को आम आदमी की समझ के लायक सरल बना देता है। ये सभी प्रयोग दिखाते हैं कि एआई का इस्तेमाल केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह गांव-गांव तक सार्वजनिक सेवाओं को बेहतरीन बनाएगा।


Gemini और ChatGPT को मिलेगी टक्कर


केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, "हमने 15 भाषाओं का काम तो पूरा कर लिया है। इस महीने के आखिरी तक सभी 22 आधिकारिक भाषाओं में लिखने की सुविधा शुरू हो जाएगी। इसके अलावा, 15 भाषाओं में यह स्पीच और विजन मॉड्यूल भी उपलब्ध होंगे।" आपको बताते चलें कि भारतजेन एआई की सीधी टक्कर ChatGPT और Google Gemini जैसे एआई प्लेटफॉर्म्स से होगी। 


ऐसे में सरकार का भी मानना है कि भारतजेन से शिक्षा, शासन, डिजिटल सेवाओं और आम नागरिकों को उनकी भाषा से जुड़ने में यह काफी मदद करेगा। वहीं, यह परियोजना भारत को ग्लोबल AI क्षेत्र में एक मजबूत और आत्मनिर्भर खिलाड़ी बनाने की दिशा में मुख्य भूमिका मानी जा रही है। 

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