भारत की भयंकर परमाणु छलांग, यूरेनियम पर हुआ बड़ा खेल

By अभिनय आकाश | May 27, 2026

भारत अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने की तैयारी में जुटा हुआ है और इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया के साथ यूरेनियम सहयोग एक बार फिर चर्चा में आ गया। दरअसल दिल्ली में हुई एक बड़ी बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ कई मुद्दों पर बातचीत की। लेकिन सबसे ज्यादा जोर ऊर्जा और खासतौर पर यूरेनियम सप्लाई बढ़ाने पर रहा। विदेश मंत्री जयशंकर ने साफ कहा कि भारत अब ऑस्ट्रेलिया के साथ यूरेनियम साझेदारी को विस्तार देना चाहता है क्योंकि देश का न्यूक्लियर सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। बैठक के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत और ऑस्ट्रेलिया की रणनीतिक साझेदारी को नई रफ्तार मिली। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के प्रधानमंत्रींत्रियों की हालिया मुलाकात के बाद अलग-अलग मंत्रियों और विभागों के बीच लगातार बातचीत बढ़ी। व्यापार और निवेश को लेकर भी दोनों देश ईसीटीए और सीईसीए समझौतों पर आगे बढ़ रहे हैं। 

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ऑस्ट्रेलिया के ओलंपिक डैम, रेंजर और बेव्ली जैसे इलाके यूरेनियम के बड़े केंद्र हैं। खास बात यह है कि इतना बड़ा भंडार होने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया खुद बड़े स्तर पर परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम नहीं चलाता। वहीं भारत यूरेनियम भंडार के मामले में दुनिया के टॉप 10 देशों में शामिल नहीं है। भारत के पास करीब 1.7 लाख टन यूरेनियम भंडार है और वो दुनिया में 13वें स्थान पर आता है। देश में सबसे ज्यादा यूरेनियम झारखंड और आंध्र प्रदेश में पाया जाता है। ऐसे में भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा दूसरे देशों से आयात करता है ताकि उसके परमाणु रिएक्टर्स को इधर मिलता रहे। वहीं भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2014 में सैन्य परमाणु समझौता हुआ था।

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