By अभिनय आकाश | Jun 16, 2026
मिलिट्री ट्रक पर लाद कर भारत ने ऐसी मिसाइल दागी है जिसने दुश्मन देशों में इस वक्त हड़कंप मचा कर रख दिया है। भारत ने ऐसा जोरदार धमाका किया है जिसने भारत के खिलाफ साजिश रचने वालों और दिल्ली को आंख दिखाने वालों के पैरों तले से जमीन खिसका के रख दी। आपको बता दें कि ओडिशा के तट से भारत ने अपनी नई लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइल यानी कि एलआरएलएसएम का सफल परीक्षण यानी कि टेस्ट किया है। यह सिर्फ एक मिसाइल नहीं है बल्कि भारत की उस नई ताकत का ऐलान है जो दुश्मन की सीमा के सैकड़ों किलोमीटर अंदर मौजूद सैन्य ठिकानों तक सटीक वार कर सकती है। उड़ीसा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से जैसे ही मिसाइल लॉन्च हुई, कुछ ही पलों में उसने अपने तय रास्ते पर उड़ान भरनी शुरू कर दी। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक टेस्ट पूरी तरह से सफल रहा है और मिसाइल ने अपने सभी मिशन उद्देश्यों को हासिल कर लिया है। लेकिन आखिर इस मिसाइल को लेकर इतनी चर्चा क्यों हो रही है?
रक्षा एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह मिसाइल भारत की डीप स्ट्राइक क्षमता को एक बहुत बड़ी मजबूती देने वाली है। डीप स्ट्राइक यानी दुश्मन की सीमा के काफी अंदर मौजूद एयरबेस, रडार स्टेशन, मिसाइल लॉन्च साइट, कमान सेंटर और सैन्य मुख्यालय जैसे अहम ठिकानों पर दूर से ही सटीक हमला करने की इसकी क्षमता है। मान लीजिए किसी दुश्मन देश का एयरबेस उसकी सीमा के सैकड़ों किलोमीटर अंदर मौजूद है। सामान्य परिस्थितियों में वहां तक पहुंचना बेहद मुश्किल हो सकता है। लेकिन एलआरएलएसीएम यानी कि क्रूज मिसाइलें बिना सीमा पार किए भी ऐसे ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता रखती है। उन्हें नस्तनाबूद कर सकती है और यही वजह है कि आधुनिक युद्ध में डीप स्ट्राइक क्षमता को निर्णायक माना जाता है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह मिसाइल पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से विकसित की गई है। इसके विभिन्न सिस्टम जो है यह डीआरडीओ की लैब और भारतीय उद्योगों ने मिलकर इसे तैयार किए हैं। यानी भारत अब इस तरह की रणनीतिक क्षमता के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भर नहीं रहेगा और यही वजह है कि एलआरएलएसीएम का यह सफल परीक्षण सिर्फ एक मिसाइल टेस्ट नहीं माना जा रहा है।
यह भारत की बढ़ती डीप स्ट्राइक क्षमता, रक्षा, आत्मनिर्भरता और रणनीतिक ताकत का एक बहुत बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। ऐसी क्षमता जो किसी भी संभावित दुश्मन को यह संदेश देती है कि अब भारत सिर्फ अपनी सीमाओं की रक्षा करने तक सीमित नहीं है। जरूरत पड़ने पर दुश्मन की सीमा के काफी अंदर मौजूद उसके सबसे अहम सैन्य [संगीत] ठिकाने भी भारतीय पहुंच से बाहर नहीं है। और आधुनिक युद्ध के दौर में यही तकनीक किसी भी देश की सबसे बड़ी रणनीतिक बढ़त मानी जाती है। और यह काम, यह टेस्ट, यह सफल परीक्षण अब भारत ने कर लिया है। जिसने भारत के दुश्मन देशों की टेंशन इस वक्त बढ़ा दी है। और लगातार सिर्फ यह एक मिसाइल टेस्ट नहीं डीआरडीओ ने लगातार ऐसे कई धमाके किए हैं पिछले कुछ दिनों में जिसने दुश्मन देशों की चिंता को बढ़ा कर रख दिया है।