By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 04, 2026
सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि शुद्ध विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) में हालिया रूझान विदेशों में भारत के अधिक निवेश और विदेशों से ज्यादा कमाई को वापस देश में लाने से संबंधित है। शुद्ध एफडीआई 2022-23 के 28 अरब अमेरिकी डॉलर और 2023-24 के 10.2 अरब अमेरिकी डॉलर से घटकर 2024-25 में 1 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया।
उन्होंने कहा कि विदेशों से आय अर्जित करना या विनिवेश एक परिपक्व होते निवेश वातावरण का संकेत है, जहां विदेशी निवेशक भारतीय कंपनियों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के बाद अपने निवेश से लाभ कमा रहे हैं। साथ ही, घरेलू निवेशकों को मालिकाना हक का हस्तांतरण घरेलू पूंजी और उद्यमिता क्षमता के मजबूत होने को दर्शाता है। प्रसाद ने कहा, ‘‘शुद्ध एफडीआई प्रवाह में हालिया रूझान भारत की ओर से एफडीआई में बढ़ोतरी और साथ ही विदेश से ज्यादा कमाई लाने से संबंधित है।