By अभिनय आकाश | Feb 01, 2025
भारत हर साल विदेशी सरकारों को हजारों करोड़ रुपए की मदद करता है। इस साल सरकार ने इन्हें दी जाने वाली आर्थिक मदद में बड़ी कटौती की है। विदेश मंत्रालय ने दूसरे देशों को सहायता के लिए 5 हजार 483 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। ये पिछले साल के 5 हजार 806 करोड़ रुपए से थोड़ा कम है। जहां भारत ने बजट में भूटान के लिए सबसे ज्यादा 2150 करोड़ रुपए आवंटित किए तो वहीं म्यांमार की मदद के लिए भी भारत आगे आया है। म्यांमार के लिए भारत ने 350 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। वो भी ऐसे वक्त में जब म्यांमार के हालात बेहज नाजुक हैं। म्यांमर में भीषण गृह युद्ध और बांग्लादेश में राजनीतिक उथल पुथल के बीच भारत की एक्ट ईस्ट नीति पर गंभीर खतरे उत्पन्न हो गए हैं। इस नीति को भारत के पूर्वोत्तर और दक्षिण एशिया के बीच आर्थिक और सामरिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।
इसके अलावा भारत ने नेपाल के लिए अपना आवंटन 700 करोड़ रुपये पर बरकरार रखा है। संकटग्रस्त पड़ोसी श्रीलंका के लिए आवंटन 245 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये कर दिया गया है, क्योंकि यह देश आर्थिक मंदी से उबर रहा है। पिछले साल बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के पद से हटने के बाद दोनों देशों के बीच राजनयिक मतभेद के बीच ढाका को दी जाने वाली सहायता राशि 120 करोड़ रुपये पर अपरिवर्तित बनी हुई है।