By अभिनय आकाश | Apr 30, 2026
एक ऐसा फैसला जिसने नेपाल की सियासत को हिला दिया है और सीमा पार तक हलचल मचा दी है। कुछ ही हफ्तों पहले जिसे जनता का समर्थन हासिल था। आज उसी नेतृत्व के खिलाफ विरोध की लहर उठती दिख रही है और कहानी यहीं खत्म नहीं होती। ठीक 1 महीने पहले नेपाल की जिस जजी ने बालेन शाह को प्रधानमंत्री बनाया था वही जजी अब बालेन शाह के खिलाफ उतर आई है। कुछ दिन पहले नेपाल में सीमा और व्यापार से जुड़े कुछ नए नियम लागू किए गए जिनके बाद हालात धीरे-धीरे बदलने लगे। वहीं दूसरी तरफ भारत नेपाल बॉर्डर पर भी कुछ व्यवस्थाओं में बदलाव देखने को मिला। जिससे आम लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा की जिंदगी पर भारी असर पड़ने लगा। अब हालात ऐसे बनते नजर आ रहे हैं कि नेपाल के भीतर राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। जहां एक तरफ सरकार अपने फैसले को जरूरी बता रही है, वहीं दूसरी तरफ जनता के एक वर्ग में असंतोष और नाराजगी की आवाजें तेज हो रही हैं। कुछ दिन पहले नेपाल की बालेन शाह सरकार ने भारत को अकर दिखाने की कोशिश की थी। लेकिन भारत ने 48 घंटों में नेपाल का इलाज कर दिया।
नेपाल पहले ही महंगाई और ईंधन संकट से जूझ रहा था। तराई क्षेत्रों में पेट्रोल डीजल की कीमतें भारत से काफी ज्यादा है। जिससे लोग सीमावर्ती इलाकों पर निर्भर रहते थे। लेकिन हाल में बदलावों ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है। जहां एक तरफ सरकार अपने फैसलों पर कायम है, वहीं दूसरी तरफ विरोध और असंतोष की आवाजें भी उठने लगी हैं। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ नीतियों का टकराव है या फिर नेपाल की राजनीतिक एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ रही है।