By अभिनय आकाश | Aug 04, 2026
भारत मध्य एशिया के भू-राजनीतिक में अब बड़ा कदम उठा रहा है और आने वाले वक्त में यह पूरी दुनिया की तकनीक और ऊर्जा की तस्वीर बदल देगी। उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव भारत विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ मुलाकात करते नजर आए। इस मुलाकात ने एक नई रणनीतिक साझेदारी की नींव रख दी है। चाहे वो डिफेंस हो, ट्रेड हो या फिर भविष्य की तकनीक के लिए जरूरी दुर्लभ खनिज भारत और उज़्बेकिस्तान अब एक नई ऊंचाई पर पहुंचने के लिए साथ में तैयार हैं। दरअसल उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव भारत के दौरे पर हैं। जहां पर उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अहम बैठक को अंजाम दिया है। इस मुलाकात की सबसे बड़ी और खास बात जो रही है वो है माइनिंग यानी कि खनन क्षेत्र में दोनों देशों का बढ़ता हुआ सहयोग। बैठक में विदेश मंत्री जयशंकर ने साफ कह दिया कि अब वक्त आ गया है कि हमारे रिश्तों को कंस्ट्रक्शन, हेल्थ और डिजिटल सेक्टर से आगे बढ़ाकर जमीन के अंदर छिपे हुए खजाने तक ले जाया जाए।
कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स पर भी गैन चर्चा हुई। इसके अलावा भारत ने अफगानिस्तान की 2027 से 29 की नॉन अलाइनमेंट मूवमेंट की अध्यक्षता का भी समर्थन किया है। वहीं ताशकंद से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए भारत का साथ देने की बात को भी उन्होंने दोहराया है। सबसे अहम बात रही दोनों देशों ने एक साथ मिलकर एक आवाज में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को फिर से पुख्ता किया और पूरी दुनिया को संदेश दिया कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। यानी कि रेयर अर्थ से लेकर आतंकवाद तक भारत और उज़्बेकिस्तान अब अपनी साझेदारी को बढ़ाने के लिए तैयार है। उज़्बेकिस्तान के साथ भरोसेमंद दोस्ती को आगे बढ़ाना भारत के लिए बड़ी बात है। मई में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच नई दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श का 17वां दौर आयोजित किया गया था। इसमें व्यापार और निवेश, पर्यटन, प्रौद्योगिकी, नवाचार, ऊर्जा, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहयोग को लेकर चर्चा हुई थी। दोनों देशों के अधिकारियों ने आपसी हितों से जुड़े क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया था।