भारत का ICJ से अनुरोध, कुलभूषण जाधव की मौत की सजा निरस्त हो

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 18, 2019

द हेग। भारत ने सोमवार को अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत (आईसीजे) से अनुरोध किया कि पाकिस्तानी सैन्य अदालत द्वारा कुलभूषण जाधव को दिये गये मृत्युदंड को निरस्त किया जाए और उनकी तत्काल रिहाई के आदेश दिये जाएं। भारत ने कहा कि यह मामला कानूनी प्रक्रिया के न्यूनतम मानकों को भी पूरा नहीं करता। सेवानिवृत्त भारतीय नौसैन्य अधिकारी जाधव (48) को ‘‘जासूसी और आतंकवाद’’ के आरोपों में पाकिस्तान की एक सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में बंद कमरे में सुनवाई के बाद मौत की सजा सुनाई थी। जाधव की सजा पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। भारतीय नागरिक जाधव तक राजनयिक संपर्क की अनुमति देने से बार बार इंकार करके वियना संधि के प्रावधानों का पाकिस्तान द्वारा ‘‘खुला उल्लंघन’’ करने पर भारत मई 2017 में आईसीजे की शरण में गया था।

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साल्वे ने कहा, ‘‘विदेशी कैदी का जीवन जीने, निष्पक्ष सुनवाई और स्वतंत्र न्यायपालिका का अधिकार होता है। हालांकि, पाकिस्तान में सैन्य अदालतों ने बीते दो वर्ष में अपारदर्शी कार्यवाही में 161 नागरिकों को मौत की सजा सुनाई है।’’ उन्होंने आईसीजे से जाधव को इस कारण राहत देने का अनुरोध किया कि उनकी सुनवाई एक सैन्य अदालत में हुई है। साल्वे ने सुनवाई के पहले दिन कहा,‘‘उनके (जाधव) द्वारा बीते तीन वर्ष में झेली गई मानसिक प्रताड़ना को देखते हुए, उनकी रिहाई का निर्देश देना मानवाधिकार को वास्तविक बनाने के लिए न्याय के हित में होगा।’’ पाकिस्तान का दावा है कि उसके सुरक्षाबलों ने तीन मार्च 2016 को अशांत बलूचिस्तान प्रांत से जाधव को उस समय गिरफ्तार किया था जब वह कथित रूप से ईरान से घुसे थे। हालांकि, भारत का कहना है कि जाधव का ईरान से अपहरण किया गया जहां वह नौसेना से सेवानिवृत्ति के बाद व्यवसाय के सिलसिले में गए थे।

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