By रेनू तिवारी | Jun 30, 2026
आयरलैंड के खिलाफ हाल ही में मिली 0-2 की करारी हार के जख्मों को पीछे छोड़कर भारतीय क्रिकेट टीम बुधवार से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय (T20I) श्रृंखला में उतरेगी। इस सीरीज में टीम इंडिया के सामने दो सबसे बड़े सवाल हैं— पहला, 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी का बहुप्रतीक्षित पदार्पण और दूसरा, मुश्किल एवं तेज गेंदबाजों की मददगार पिचों पर भारतीय बल्लेबाजों की अपनी कमजोरियों से पार पाने की चुनौती।
डोएशे ने माना कि पिछले हफ्ते आयरलैंड से मिली 0-2 की हार के बाद टीम में निराशा है और यह बड़े बदलावों का कारण बन सकता है। आयरलैंड के खिलाफ संजू सैमसन की दोहरी विफलता उन्हें बाहर बैठाने और सूर्यवंशी को अभिषेक शर्मा के साथ पारी का आगाज करने का मौका देने का कारण हो सकती है। अभिषेक को बेलफास्ट में पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय में 20 गेंद में 49 रन की पारी के कारण फिर मौका मिल सकता है। इशान किशन भी आयरलैंड के खिलाफ दो मैच की श्रृंखला में कोई खास कमाल नहीं दिखा पाए और एक तथा 12 रन पर आउट हो गए।
इसलिए प्रबंधन सूर्यवंशी को शामिल करने के लिए उन्हें भी बाहर कर सकता है लेकिन वे इस बात पर विचार करेंगे कि ऐसे कदम का बाहर किए गए बल्लेबाज़ के मनोबल पर क्या असर पड़ सकता है। अगर सैमसन को देखें तो उन्होंने इस साल टी20 विश्व कप के अंतिम चरण के मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया था और आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए दो शतक भी लगाए थे। हालांकि चयन समिति के अध्यक्ष अजित अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर की अगुवाई वाला टीम प्रबंधन कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटता और जिन्हें शक है वे सूर्यकुमार यादव का उदाहरण देख सकते हैं।
उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ सूर्यांश शेडगे और प्रिंस यादव को पदार्पण का मौका दिया जिससे सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय पदार्पण के लिए इंतजार करना पड़ा। हालांकि सिर्फ सूर्यवंशी को टीम में शामिल करने से भारत की बल्लेबाजी की समस्याओं का तुरंत समाधान नहीं हो जाएगा क्योंकि इन समस्याओं के कई पहलू हैं। तेज गेंदबाजों की अनुकूल बेलफास्ट की पिच पर कोई भी भारतीय बल्लेबाज सहज नहीं दिख रहा था। जब हालात और आयरलैंड के गेंदबाजों की सटीक गेंदबाजी ने आक्रामक बल्लेबाजी के रास्ते बंद कर दिए तो भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशानी हुई। दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय तिलक वर्मा ने संभलकर खेलते हुए अर्धशतक जड़ा लेकिन 46 गेंद तक टिके रहने के बाद उनका भी सब्र जवाब दे गया।
आयरलैंड के हासिल किए जा सकने वाले 183 और 155 के लक्ष्यों के खिलाफ भारत के अन्य बल्लेबाजों में भी बेसब्री साफ नजर आई। इसके लिए आईपीएल की सपाट पिचों पर बल्लेबाजी करने के तरीके से अलग सोच की जरूरत थी लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिला। भारतीय बल्लेबाजों को अपनी सोच और खेलने के तरीके में बदलाव करना होगा क्योंकि इंग्लैंड में भी लगभग ऐसे ही हालात होंगे और वहां अधिक बेहतर और अनुभवी खिलाड़ियों से सामना होगा।
इंग्लैंड के पास जोफ्रा आर्चर, जोश टंग, साकिब महमूद और सोनी बेकर जैसे बहुत तेज गति वाले गेंदबाज हैं और आदिल रशीद तथा रेहान अहमद जैसे चतुर स्पिन गेंदबाज भी हैं। रिवरसाइड ग्राउंड पर औसत टी20 अंतरराष्ट्रीय स्कोर 138 और उच्चतम स्कोर 195 है जो यहां खेले गए पिछले आठ मैच में गेंदबाजों के दबदबे की ओर इशारा करता है। इसलिए अगर बल्लेबाज विरोधी टीम की गेंदबाजी और यहां की पिचों के हिसाब से ढलने में अधिक समय लेते हैं तो इंग्लैंड बहुत तेजी से पांच मैच की सीरीज जीत सकता है। भारत के नए टी20 अंतरराष्ट्रीय कप्तान श्रेयस अय्यर निश्चित रूप से लगातार दूसरी श्रृंखला हारना नहीं चाहेंगे। इंग्लैंड के बल्लेबाजी क्रम में भी कप्तान हैरी ब्रूक, जोस बटलर, जोर्डन कॉक्स, जैकब बेथेल, विल जैक्स, फिल सॉल्ट और टॉम बैंटन जैसे दमदार खिलाड़ी हैं।
आयरलैंड के खिलाफ दोनों मैच में भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती पकड़ बनाने के बाद बीच के ओवरों में विरोधी बल्लेबाजों को आसानी से रन बनाने दिए। अगर ऐसा ही दोबारा हुआ तो इंग्लैंड के बल्लेबाज इसका और भी बेरहमी से फायदा उठाएंगे। इस संदर्भ में भारत को अपने गेंदबाजों, विशेषकर स्पिनरों अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर से अधिक संगठित प्रयास की जरूरत होगी जो अब तक अधिकतर बेअसर रहे हैं।
टीम इस प्रकार हैं: भारत: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, सूर्यांश शेडगे, प्रसिद्ध कृष्णा, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, इशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, प्रिंस यादव, वैभव सूर्यवंशी। इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), रेहान अहमद, जोफ्रा आर्चर, सोनी बेकर, टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, जोस बटलर, जेम्स कोल्स, जोर्डन कॉक्स, सैम कुरन, लियाम डॉसन, विल जैक्स, साकिब महमूद, आदिल राशिद, फिल सॉल्ट, जोश टंग और ल्यूक वुड। समय: मैच भारतीय समयानुसार रात 10 बजे शुरू होगा।