5जी परीक्षणों से चीनी कंपनियों को दूर रखना भारत का संप्रभु निर्णय: अमेरिका

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 12, 2021

वाशिंगटन। भारत द्वारा हाल में चीनी कंपनियों हुवावेई और जेडटीई के बिना 5जी परीक्षणों को करने के फैसले को अमेरिका ने एक संप्रभु निर्णय कहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि अमेरिका उन उपकरणों के साथ नेटवर्क स्थापित करने के खतरों को लेकर अत्यधिक चिंतित है, जिन्हें चीन द्वारा बाधित या नियंत्रित किया जा सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने मंगलवार को दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह भारत सरकार द्वारा एक संप्रभु निर्णय था, इसलिए हमारा मानना है कि इस बारे में आपको भारत सरकार से ही कोई टिप्पणी लेनी चाहिए।’’

इसे भी पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस पर बोले पीएम मोदी, कहा- स्वस्थ भारत के लिए देश की नर्सों की प्रतिबद्धता उत्कृष्ट

दूरसंचार विभाग ने रिलाइंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन और एमटीएनएल के आवेदनों को मंजूरी दी है। इनमें से कोई भी कंपनी चीनी कंपनियों की तकनीक का उपयोग नहीं कर रही है। दूरसंचार विभाग ने 5जी परीक्षण के लिए स्वीकृत दूरसंचार गीयर विनिर्माताओं की सूची में एरिक्सन, नोकिया, सैमसंग, सी-डॉट और रिलायंस जियो की स्वदेशी रूप से विकसित प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। इसका का मतलब है कि चीनी कंपनियां 5जी परीक्षणों का हिस्सा नहीं होंगे। दूरसंचार विभाग का यह कदम इस ओर इशारा करता है कि केंद्र सरकार देश में शुरू होने वाली 5जी दूरसंचार सेवाओं में चीनी कंपनियों को हिस्सा लेने से रोक सकती है। चीन ने अपनी कंपनियों को भारत में 5जी ट्रायल में हिस्सा लेने की मंजूरी न देने के सरकार के फैसले पर अफसोस जताया है।

प्रमुख खबरें

आग में घी न डालें: Kangana Ranaut ने Hrithik Roshan को दी नसीहत, Saba Azad का भी किया जिक्र

Donald Trump का दावा, ईरान से युद्ध खत्म करने के लिए Israel भी नए समझौते को तैयार

Andhra Pradesh में Godavari नदी का जलस्तर घटा, बैराज पर पानी का भारी प्रवाह जारी

Pranab Dole पर रासुका लगाने को लेकर असम सरकार पर बरसी Congress