By अभिनय आकाश | Aug 04, 2026
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच लगातार जारी तनाव को देखते हुए भारत सरकार अब एक्शन मोड में नजर आ रही है। जहां भारत ने एक बड़ा कूटनीतिक फैसला लेते हुए ईरान में अचानक नए राजदूत की नियुक्ति कर दी है। दरअसल भारत सरकार ने ईरान में अपने राजदूत को बदलते हुए भारतीय विदेश सेवा यानी कि आईएफएस के साल 2002 बैच के वरिष्ठ अधिकारी विश्वेश नेगी को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया है। विदेश मंत्रालय ने 3 अगस्त को जारी अपने आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की। फिलहाल विश्वेश नेगी जो हैं वह नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत हैं और जल्द ही तेहरान में अपनी नई जिम्मेदारी को संभालेंगे। नए राजदूत की यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब पूरा पश्चिम एशिया तनाव के दौर से गुजर रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच लगातार तनाव बना हुआ है।
जयशंकर ने साफ कहा है कि किसी भी परिस्थिति में व्यवसायिक जहाजों और नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत ने यह भी दोहराया कि किसी भी पक्ष द्वारा व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमलों की वह कड़ी निंदा करते हैं। जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से ही संवाद और कूटनीति के जरिए विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक रहा है। वहीं ईरान की ओर से भी मौजूदा हालात और चल रही कूटनीतिक कोशिशों की जानकारी भारत के साथ साझा की गई। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच बिचौलियों के माध्यम से नई बातचीत शुरू होने की संभावना है। दूसरी ओर ईरानी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार ईरान और ओमान के बीच समुद्रिक गलियारे के संचालन को लेकर साझा व्यवस्था बनाने पर भी बातचीत जारी है जो कि जल्द ही अंतिम चरण में पहुंच सकती है। ऐसे संवेदनशील माहौल में विश्वेश नेगी की नियुक्ति भारत की उस रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है। जिसके तहत भारत सरकार एक तरफ़ अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों की रक्षा करना चाहती है। तो वहीं दूसरी ओर ईरान के साथ अपने पारंपरिक संबंधों को भी मजबूत बनाए रखना चाहती है।