By अभिनय आकाश | Oct 05, 2026
पाकिस्तान फिर से बॉर्डर पर तनाव बढ़ाने के लिए लगातार कायराना हरकतों को अंजाम दे रहा है। हालांकि भारतीय सेना उसकी सारी कोशिशों पर पानी फेरते हुए मुंहतोड़ जवाब दे रही है। बीते दिनों की ही बात है जब भारतीय जवानों ने पाकिस्तान के दो घुसपैठियों को बॉर्डर पर ढेर कर दिया था। जिसके बाद से ही पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है। बॉर्डर पर बीएसएफ के एक्शन के बाद पाकिस्तान ने भारत के प्रभारी राजदूत को तलब कर बॉर्डर पर मारे गए दोनों घुसपैठियों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है और दावा किया है कि वह आम नागरिक थे। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि बीएसएफ कर्मियों ने निहत्ते नागरिकों के खिलाफ बिना उकसावे के घातक बल का इस्तेमाल किया। बल का इस्तेमाल पूरी तरह अनुचित था। फिर क्या था? भारत के प्रभारी राजदूत को तलब करने को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने बड़ा एक्शन लिया।
भारत ने साफ कहा है कि कोई अकेली घटना नहीं है। यह इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान से काम करने वाले हथियार बंद नशा तस्करों के गिरोह बार-बार सीमा पार आने की कोशिश करते हैं। भारत ने पाकिस्तान सरकार से मांग की है कि वो इन घुसपैठों और नशे की तस्करी की जांच कराएं। साथ ही पाकिस्तान के सीमा सुरक्षा बलों की मिलीभगत की भी जांच हो और इस पर जरूरी सुधार के कदम उठाए जाएं। यानी कि भारत ने एक तरफ घुसपैठ और नशा तस्करी पर पाकिस्तान को घेरा है तो दूसरी तरफ फिरोजपुर की घटना पर लगे आरोपों को गलत बताया है। पाकिस्तान को लग रहा था कि वो भारत के प्रभारी राजदूत को तलब करके बहुत बड़ा तीर मार देगा। लेकिन वो भूल गया था कि भारत भी सख्त एक्शन लेने से पीछे नहीं हटता है।