सऊदी अरब के रेगिस्तान में भारत का तूफान, इजरायल भी हैरान!

By अभिनय आकाश | Sep 02, 2026

दुनिया मिडिल ईस्ट में पैर जमाने के लिए वर्चस्व की जंग लड़ रही है लेकिन भारत अब नया मिडिल ईस्ट बन गया है। शायद इसीलिए मिडिल ईस्ट का सबसे ताकतवर देश सऊदी अरब पाकिस्तान और तुर्की की तरफ चला गया। नौबत यहां तक आ गई कि दुनिया को कर्ज बांटने वाला सऊदी अरब पहली बार कंगाल हो गया है। सऊदी अरब पहली बार बहुत बड़ा कर्ज मांग रहा है। सऊदी अरब का नाम आते ही आपके दिमाग में एक अमीर देश की छवि बनती है। तेल के कुएं दिखते हैं। ऊंची इमारतें और महंगी एसयूवी कारें दिखती हैं। सऊदी अरब वो देश रहा है जिसने कई देशों को कर्ज दिया है। सऊदी अरब तो पाकिस्तान का परमानेंट फाइनेंसर है। लेकिन सऊदी अरब को अब मोटे कर्ज की जरूरत पड़ गई है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब $8 अरब डॉलर का भारी भरकम लोन लेने की तैयारी कर रहा है। ईरान अमेरिका जंग ने सऊदी अरब को पूरी तरह से बर्बाद कर दिया है। आप जानते हैं कि सऊदी अरब लंबे समय से विश्व का सबसे बड़ा तेल निर्यातक और मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी महाशक्ति रहा है।  

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अफ्रीका और यूरोप को पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स बेचने के मामले में भारत सऊदी अरब से आगे निकल गया है। दुनिया के पास अब भारत से पेट्रोल और डीजल प्रोडक्ट्स खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। विचित्र बात यह है कि भारत खुद अपनी जरूरतों का 80% कच्चा तेल इंपोर्ट करता है। लेकिन भारत इसी कच्चे तेल को प्रोसेस करके अब दुनिया को बेच रहा है। भारत के नियंत्रण में वह पूरी मार्केट आ गई है जो कभी सऊदी अरब की होती थी। 

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