By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 29, 2026
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका में व्यापार जगत के दिग्गजों के साथ बातचीत के दौरान द्विपक्षीय व्यापार वार्ता पर ‘‘उत्साहजनक जानकारी’’ देते हुए आश्वासन दिया कि भारत-अमेरिका अंतरिम समझौता जल्द होने वाला है। अमेरिकी-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच (यूएसआईएसएफ) ने यह जानकारी दी। गोयल ने बृहस्पतिवार को आयोजित बंद कमरे की गोलमेज बैठक में भारत-अमेरिका के बीच व्यापार, निवेश एवं आपूर्ति शृंखला साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
साझा करते हुए उद्योग को आश्वस्त किया कि अंतरिम समझौता जल्द होने वाला है। उन्होंने जोर दिया कि निवेशकों का विश्वास, कारोबार की स्थिरता और मजबूत नियामकीय माहौल भारत सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मंच के अनुसार, गोयल की बातचीत से द्विपक्षीय आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने को लेकर भारत की प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है। अमेरिका का एक दल एक से चार जून के बीच भारत की यात्रा पर आएगा। इस दौरान अंतरिम व्यापार समझौते के विवरण को अंतिम रूप दिया जाएगा और व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत बाजार पहुंच, गैर-शुल्क उपायों एवं सीमा शुल्क सुगमता जैसे मुद्दों पर वार्ता आगे बढ़ाई जाएगी।
यूएसआईएसपीएफ ने कहा कि वार्ता दल के अगले सप्ताह भारत जाने से पहले, वह दोनों सरकारों को सफल और सार्थक बातचीत की शुभकामनाएं देता है। गोयल ने उद्योग जगत के कई प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। मॉर्गन स्टैनली के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) टेड पिक के साथ बैठक में उन्होंने भारत में दीर्घकालिक निवेश और संस्थागत साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने वारबर्ग पिंकस के चेयरमैन चिप केय के साथ वैश्विक निवेश परिदृश्य और भारत के उभरते आर्थिक अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
एमनील फार्मास्यूटिकल्स के सह-संस्थापक एवं सह-सीईओ चिंटू पटेल के साथ बैठक में भारत के दवा क्षेत्र में निवेश एवं नवाचार को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई। मास्टरकार्ड के सीईओ माइकल मीबैक के साथ गोयल ने डिजिटल वाणिज्य, डिजिटल सुरक्षा और नयी पीढ़ी की भुगतान प्रणालियों में सहयोग बढ़ाने पर विचार किया। इससे पहले 25 से 27 मई के दौरान गोयल के नेतृत्व में 150 से अधिक सदस्यों का व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल कनाडा गया था जहां मंत्री ने निवेश आकर्षित करने, सहयोग बढ़ाने और प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को गति देने के प्रयास किए।