India-US Trade Deal: भारतीय हीरा उद्योग के लिए Turning Point, अमेरिकी बाज़ार में अब मिलेगी Duty-Free एंट्री

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 08, 2026

भारतीय रत्न एवं आभूषण उद्योग ने शनिवार को अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका में हीरे और रंगीन रत्नों के लिए शुल्क मुक्त प्रवेश की घोषणा का स्वागत किया है। उद्योग का कहना है कि यह एक टर्निंग पॉइंट है जिससे इस क्षेत्र को नयी मजबूती मिलेगी। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के अध्यक्ष किरीट भंसाली ने एक बयान में कहा, हम हीरे और रंगीन रत्नों के लिए शुल्क मुक्त पहुंच की घोषणा से बेहद उत्साहित हैं।

भंसाली ने बताया कि इस समझौते के तहत आभूषणोंपर शुल्क घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जिससे तत्काल राहत मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पूर्ण समझौता होने के बाद हीरे और रंगीन रत्नों पर शुल्क पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि परिषद ने लैब में तैयार हीरों (एलजीडी) और कृत्रिम रत्नों को भी अमेरिकी शुल्क छूट की सूची में शामिल करने का मुद्दा सरकार के सामने उठाया है। ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने कहा कि शुल्क शून्य होने से भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में अभूतपूर्व पहुंच मिलेगी। उन्होंने कहा, यह सफलता हमारी वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूत करती है और यह सुनिश्चित करती है कि हमारे कारीगरों की कला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उचित कीमतों पर पहुंचे।

कामा ज्वेलरी के प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह ने कहा कि भारत हीरा प्रसंस्करण का वैश्विक केंद्र होने के बावजूद व्यापार शुल्क के कारण बुरी तरह प्रभावित हुआ था। उन्होंने कहा, शुल्कों में इस छूट से निर्यात को पुनर्जीवित करने और व्यापार में चमक वापस लाने में मदद मिलेगी। यह न केवल इस क्षेत्र को गति देगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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