India US Trade Talks | Donald Trump के बड़बोले चेले Peter Navarro ने उगला जहर, बोले- ‘भारत बातचीत की मेज पर आ रहा है’

By रेनू तिवारी | Sep 16, 2025

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बातचीत: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने सोमवार को टैरिफ और व्यापार समझौते को लेकर भारत पर अपने हमले जारी रखते हुए कहा कि भारत पर 'सबसे ज़्यादा टैरिफ' हैं। नवारो की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका संबंधों को महत्वपूर्ण बताया है।

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नवारो ने सोमवार को ‘सीएनबीसी’ को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘भारत बातचीत की मेज पर आ रहा है... शुल्क का महाराजा।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक ‘बहुत ही सौहार्दपूर्ण, अच्छा, रचनात्मक’ ट्वीट किया था। वे भारत में जो कुछ भी करते हैं, राष्ट्रपति (डोनाल्ड) ट्रंप ने उस पर प्रतिक्रिया दी है। पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक साझेदार हैं और दोनों पक्षों की टीमें द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत को अंतिम रूप देने के लिए काम कर रही हैं। उनका सोशल मीडिया पोस्ट ट्रंप की उस टिप्पणी के जवाब में आया था जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच ‘व्यापार बाधाओं’ को दूर करने के प्रयास जारी हैं।

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नवारो ने कहा, ‘‘हम देखेंगे कि यह कैसे काम करता है। लेकिन व्यावहारिक रूप से, हम जानते हैं कि व्यापार के मोर्चे पर उनके शुल्क किसी भी बड़े देश की तुलना में सबसे ज्यादा हैं। उनके गैर-शुल्क अवरोध बहुत ऊंचे हैं। हमें इससे वैसे ही निपटना पड़ा जैसे हम हर दूसरे देश के साथ निपट रहे हैं जो ऐसा करता है।’’ नवारो, जो अक्सर रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत पर निशाना साधते रहे हैं, ने कहा कि देश ने 2022 में यूक्रेन पर हमले से पहले ऐसी आपूर्ति नहीं खरीदी थी। ‘‘हमले के तुरंत बाद भारतीय रिफाइनर रूसी रिफाइनरों के साथ मिल गए... यह ‘पागलपन’ है क्योंकि वे अनुचित व्यापार में हमसे पैसा कमाते हैं।’’

उन्होंने दावा किया और कहा कि अमेरिकी कर्मचारी इससे प्रभावित होते हैं। नवारो ने कहा, ‘‘फिर वे उस पैसे का इस्तेमाल रूसी तेल खरीदने के लिए करते हैं, और फिर रूसी उससे हथियार खरीदने के लिए करते हैं, और फिर हमें करदाताओं के रूप में यूक्रेन की रक्षा के लिए और अधिक भुगतान करना पड़ता है। तो यह कैसे हो सकता है?’’ ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना करके 50 प्रतिशत कर देने के बाद, भारत और अमेरिका संबंध प्रभावित हुए हैं।

अमेरिका ने भारत पर रूसी कच्चे तेल की खरीद के लिए 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाया है। भारत ने अमेरिका के इस कदम को ‘अनुचित और अविवेकपूर्ण’ बताया है। रूसी कच्चे तेल की खरीद का बचाव करते हुए भारत यह कहता रहा है कि उसकी ऊर्जा खरीद राष्ट्रीय हित और बाजार की गतिशीलता से प्रेरित है।

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