By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 13, 2026
कई दफा कुछ क्रिकेटर किसी खास मैदान को अपना पसंदीदा मंच बना लेते हैं और वहां लगातार यादगार प्रदर्शन करते हैं जैसे महेला जयवर्धने और मुथैया मुरलीधरन ने सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब पर प्रतिद्वंद्वी टीम को खूब परेशान किया था। इसी तरह जाक कैलिस के न्यूलैंड्स में आंकड़े अविश्वसनीय रहे हैं जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड लॉर्ड्स में लगभग अजेय साबित हुए। अब श्रीलंका के दो स्पिनर प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस ने गॉल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को अपना गढ़ बना लिया है जहां वे लगातार विपक्षी बल्लेबाजों पर हावी रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें हवा का सही इस्तेमाल करते हुए गेंदबाजी करना अच्छी तरह आता है। गॉल में हवा एक बड़ा कारक होती है क्योंकि इससे स्पिनरों को अतिरिक्त फायदा मिलता है। ’’ यह शायद भारतीय बल्लेबाजों के लिए अच्छी खबर नहीं होगी क्योंकि हाल के समय में वे बेहतरीन स्पिनरों के खिलाफ संघर्ष करते नजर आए हैं। न्यूजीलैंड के बाएं हाथ के स्पिनर एजाज पटेल और मिचेल सैंटनर ने भारत में ही भारतीय बल्लेबाजों को परेशान कर दिया था। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका के ऑफ स्पिनर साइमन हार्मर ने भी ऐसा ही प्रदर्शन किया।
अब भारतीय बल्लेबाजों को एक ही मैच में बेहतरीन बाएं हाथ की स्पिन और ऑफ स्पिन की जोड़ी का सामना करना होगा। पूर्व श्रीलंकाई स्पिनर उपुल चंदना ने भी भारतीय बल्लेबाजों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा, ‘‘जयसूर्या बहुत जल्दी श्रीलंका के प्रमुख स्पिनर बन गए हैं। वे पारंपरिक शैली में गेंदबाजी करते हैं और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं देते। अगर पिच पर असमान उछाल रहा तो उनकी सटीक गेंदबाजी और भी प्रभावी होगी। ’’
चंदना ने उदाहरण देते हुए बताया कि पूर्व श्रीलंकाई कप्तान दिमुथ करुणारत्ने की खोज माने जाने वाले जयसूर्या ने पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम को कई बार परेशान किया है। उन्होंने कहा, ‘‘वह लगातार ‘अंडर-कटर’ और ‘आर्म बॉल’ फेंकते हैं। बाबर आजम को उनके खिलाफ रन बनाने में मुश्किल हुई क्योंकि वह अक्सर बैकफुट पर चले जाते थे। उनके खिलाफ लगातार रन बनाने की कोशिश करनी पड़ती है। यदि आप सिर्फ रक्षात्मक खेलेंगे तो मुश्किलें बढ़ जाएंगी। ’’ चंदना (54 वर्ष) का मानना है कि दूसरे छोर से रमेश मेंडिस का साथ मिलने से जयसूर्या और भी खतरनाक हो जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मेंडिस दूसरे छोर से शानदार सहयोग देते हैं जिससे दोनों ओर से लगातार दबाव बना रहता है। वह बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ अलग कोण से गेंदबाजी करते हैं और गेंद को उनके शॉट खेलने की जगह से दूर ले जाते हैं। यदि पिच से टर्न मिला तो वह और भी घातक साबित हो सकते हैं। ’’
भारत के शीर्ष क्रम में यशस्वी जायसवाल और ऋषभ पंत जैसे बाएं हाथ के बल्लेबाज मौजूद हैं और हाल के समय में दोनों का प्रदर्शन भी बहुत प्रभावशाली नहीं रहा है। मैच से पहले मैदानकर्मियों को मध्य पिच पर पानी डालते हुए देखकर यह उम्मीद जरूर जगी कि विकेट बल्लेबाजी के अनुकूल हो सकती है। हालांकि भारतीय टीम अच्छी तरह जानती है कि जयसूर्या और मेंडिस के पास ऐसी कई रणनीतियां हैं जिनसे वे किसी भी बल्लेबाज़ को मुश्किल में डाल सकते हैं।