भारत आज की महाशक्तियों जैसा नहीं बनेगा, यह सेवा और वैश्विक कल्याण के भाव के साथ आगे बढ़ेगा: भागवत

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 11, 2025

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि भारत का चरित्र सेवाभाव में निहित है और यही भावना आज की महाशक्तियों की तरह बनने के बजाय तटस्थ भाव से विश्व की सेवा करने में उसका मार्गदर्शक सिद्धांत साबित होगी।

उन्होंने कहा, हमें पूरे विश्व का कल्याण करना है, क्योंकि विश्व अलग नहीं है...हम स्वयं विश्व का हिस्सा हैं। हम किसी पर कोई उपकार नहीं करेंगे। हम विश्व को एक नया मार्ग दिखाएंगे, विश्व हमें गुरु कहेगा, लेकिन हम विश्व को अपना मित्र कहेंगे। हम आज की महाशक्तियों की तरह महाशक्ति नहीं बनेंगे। हम विश्व में क्या करेंगे? हम व्यवस्थित रूप से, तटस्थता से, पूरे विश्व की सेवा करेंगे।

उन्होंने कहा, हम देखते हैं कि विज्ञान और मानव ज्ञान में प्रगति के बावजूद, झगड़े अब भी जारी हैं और मनुष्य सब कुछ पाकर भी असंतुष्ट है। यह सब देखकर दुनिया लड़खड़ा रही है और उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है।

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