By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 03, 2019
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गुप्ता ने यह भी पूछा कि इस दौरान साम्प्रदायिक झड़पों, दंगों और लड़ाइयों के संबंध में कितने लोग गिरफ्तार और दोषी सिद्ध हुए। उन्हें बताया गया है कि ऐसे आंकड़े राज्य सरकार के पास होते हैं क्योंकि पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य के विषय हैं। गुप्ता से यह पूछे जाने पर कि उन्होंने 2004 से साम्प्रदायिक झड़पों के आंकड़े क्यों मांगे, इस पर उन्होंने बताया, ‘मैं साम्प्रदायिक झड़पों, लड़ाइयों या दंगों की घटनाओं पर तथ्यों को सामने लाना चाहता था। इसलिए मैंने 2004 से 2017 तक के राज्यवर ब्यौरे मांगे ताकि संप्रग और राजग सरकारों के दौरान चीजें साफ हो सके।’