By अभिनय आकाश | Jan 14, 2022
फरिश्ते सिर्फ आसमान में नहीं रहते, जमीन-ए-हिंद पर उसे जवान कहते हैं।
क्यों मनाया जाता है सेना दिवस
भारत में हर साल 15 जनवरी को भारतीय थल सेना दिवस मनाया जाता है। साल 1942 में पहले भारतीय सैन्य अफसरों को एक यूनिट कमांड करने का मौका मिला था। जबकि 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने जनरल फ्रांसिस ब्रुचर से भारतीय सेना की कमान ली थी। फ्रांसिस ब्रुचर भारत के अंतिम ब्रिटिश कमांडर इन चीफ थे। केएम करियप्पा भारतीय सेना के पहले कमांडर इन चीफ बने थे। उसी समय से 15 जनवरी को आर्मी डे मनाया जाता है।
शहीदों को नमन के साथ शुरुआत
इस दिन की शुरुआत इंडिया गेट पर बनी अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने से होती है। इस मौके पर सेना के अत्याधुनिक हथियारों और टैंक-मिसाइल, जैसे साजो-सामान प्रदर्शित किए जाते हैं। इस दिन राजधानी दिल्ली और सेना के सभी छह मुख्यालयों में परेड आयोजित होती है। सेना अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन करती है। सेना प्रमुख की तरफ से दुश्मन को मुंह तोड़ जवाब देने वाले जवानों और जंग के दौरान देश के लिए बलिदान देने वाले शहीदों की विधवाओं को सेना मेडल और अन्य पुरस्कारों से सम्मानित करते हैं।
दुनिया की सबसे ताकतवर सेना में से एक
भारतीय सेना को दुनिया की सबसे ताकतवर सेना में से एक माना जाता है। गोलाबारूद-हथियारों के मामले में भारतीय सेना दुनिया में चौथे स्थाना पर आती है। भारतीय सेना के पास सटीक अग्नि और पृथ्वी बैलिस्टिक मिसाइलें हैं, जो इसे ताकतवर बनाती है। पूरे विश्व में भारतीय सेना एक मात्र ऐसी सेना है जो सिर्फ अपने दुश्मनों के हमले का जवाब देती है। भारतीय सेना के नाम कभी भी किसी देश पर पहले हमला न करने या उसे कब्जा करने का कोई भी रिकॉर्ड नहीं है। भारतीय सेनासर्व-स्वयंसेवी बल है और इसमें देश के सक्रिय रक्षा कर्मियों का 80% से अधिक हिस्सा है। भारतीय सेना दुनिया की एकमात्र ऐसी सेना है, जिसके पास 12 से ज्यादा सक्रिय सैनिक हैं।