By Ankit Jaiswal | Jul 20, 2026
यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध के बीच एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए एक मालवाहक जहाज पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल बताया जा रहा है। इस घटना के बाद भारत सरकार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए हमले की कड़ी निंदा की है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि यूक्रेन में स्थित भारतीय दूतावास लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित भारतीयों तथा उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। मंत्रालय ने मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए घायल भारतीय के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की है।
भारत ने इस हमले की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक चालक दल की जान खतरे में डालना और समुद्री व्यापार तथा सुरक्षित नौवहन में बाधा उत्पन्न करना बेहद निंदनीय है। भारत ने ऐसे हमलों से बचने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मौजूद जानकारी के अनुसार यूक्रेन के अधिकारियों ने इस हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। यूक्रेनी नौसेना का कहना है कि गिनी-बिसाउ के ध्वज वाले इस मालवाहक जहाज पर तीन क्रूज मिसाइलों से हमला किया गया। जहाज में आग लग गई और इसके बाद पूरी रात बचाव अभियान चलाया गया।
यूक्रेन के समुद्री बंदरगाह प्राधिकरण के अनुसार इस हादसे में कुल 10 लोगों की मौत हुई, जिनमें नौ चालक दल के सदस्य और एक समुद्री पायलट शामिल हैं। वहीं जहाज पर सवार 17 लोगों में से आठ को सुरक्षित बचा लिया गया। गौरतलब है कि एमवी गोल्डन लियो मुंबई स्थित ओशन ग्रेस शिपिंग लिमिटेड कंपनी का जहाज बताया गया है।
यह जहाज मक्का लेकर ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुआ था। काला सागर क्षेत्र में हाल के सप्ताहों में रूस और यूक्रेन के बीच हमले लगातार बढ़े हैं। इसी कारण व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।
दूसरी ओर यूक्रेन के ओडेसा क्षेत्र के प्रशासन का कहना है कि इस महीने अब तक रूसी हमलों में वहां 28 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं रूस के बेलगोरोद क्षेत्र में यूक्रेन के ड्रोन हमले में एक बच्चे सहित पांच लोगों की जान चली गई। इसके अलावा यूक्रेन के कई शहरों पर हुए रूसी हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत की भी जानकारी सामने आई है।
गौरतलब है कि काला सागर लंबे समय से दोनों देशों के बीच संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं का समुद्री व्यापार होता है। ऐसे में व्यापारिक जहाजों पर हमले न केवल मानवीय संकट को बढ़ा रहे हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए भी गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। भारत सहित कई देश लगातार इस तरह के हमलों पर चिंता जता रहे हैं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।