US-Iran Tension के बीच भारतीय बाजार में संभलकर कारोबार, Crude Oil सस्ता होने से Nifty में मामूली बढ़त।

By Ankit Jaiswal | May 19, 2026

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर दुनिया भर के बाजारों पर लगातार देखने को मिल रहा हैं। मंगलवार को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार दर्ज किया गया। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को फिलहाल टालने की खबर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में हल्की नरमी देखने को मिली।

बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ने के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बनी हुई है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बाजार सतर्क हैं, क्योंकि यह दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में शामिल माना जाता हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार, ईरान की ओर से इस मार्ग पर प्रतिबंध जारी रहने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बना हुआ है।

इस बीच जापान की अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़ों ने निवेशकों को कुछ राहत दी हैं। जापान की पहली तिमाही की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर सालाना आधार पर 2.1 प्रतिशत दर्ज की गई, जो बाजार अनुमान से बेहतर रही हैं। इससे पहले विश्लेषकों ने 1.7 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया था। हालांकि, जापान का प्रमुख शेयर सूचकांक निक्केई शुरुआती बढ़त गंवाकर अंत में गिरावट के साथ बंद हुआ।

दक्षिण कोरिया का बाजार भी दबाव में दिखाई दिया। कोस्पी सूचकांक में तीन प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वहीं ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी एएसएक्स 200 सूचकांक 1.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

चीन और हांगकांग के बाजारों में हल्की मजबूती देखने को मिली। चीन का सीएसआई 300 सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी ऊपर चढ़ा।

भारतीय शेयर बाजार में भी सीमित तेजी देखने को मिली। निफ्टी 50 में करीब 0.18 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। गौरतलब है कि उद्योगपति गौतम अडानी से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। अमेरिका में धोखाधड़ी से जुड़े आरोप हटने की खबर के बाद अडानी समूह की कंपनियों के शेयरों में खरीदारी बढ़ी है।

वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच पर बयान जारी करते हुए कहा कि कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के अनुरोध पर ईरान पर प्रस्तावित हमले को टाल दिया गया हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और पश्चिम एशिया के देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए समझौते की कोशिश की जा रही हैं। हालांकि ट्रंप ने यह भी साफ किया कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका बड़े सैन्य अभियान के लिए तैयार रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष जल्दी खत्म होने के संकेत नहीं दिख रहे हैं। एजेंसी के मुताबिक, आने वाले समय में तेल बाजार और वैश्विक व्यापार पर इसका असर बना रह सकता है।

अमेरिकी शेयर बाजारों की बात करें तो सोमवार को एसएंडपी 500 और नैस्डैक सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई, जबकि डाउ जोंस हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि तेल की कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक महंगाई की चिंता आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगी।

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