By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 29, 2026
(शिरीष बी प्रधान) काठमांडू, 29 अगस्त विनाशकारी बाढ़ के बाद जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे या लापता हुए श्रमिकों को बचाने के लिए जारी अभियान में विशेष तकनीकी सहायता देने के लिए चिकित्साकर्मियों और बचाव विशेषज्ञों का 11 सदस्यीय भारतीय दल शनिवार को नेपाल पहुंचा। नेपाल सरकार के अनुरोध पर भेजा गया यह दल चिलीमे और लांगटांग क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद त्रिशूली क्षेत्र पहुंचा। नेपाल के अधिकारियों ने बताया कि टीम ने बचाव अभियान के लिए स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है।
बुधवार को रसुवा और मध्य नेपाल के अन्य हिस्सों में आई भीषण बाढ़ के कारण 500 से अधिक लोगों की मौत हो गई और मानव बस्तियों, सड़कों, पुलों तथा जलविद्युत बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में परिवहन सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए भारत और चीन से 42 ‘बेली ब्रिज’ बनाने में मदद का अनुरोध किया था। बेली ब्रिज ऐसे पुल ऐसे होते हैं जिन्हें भारी मशीनरी या विशेष उपकरणों के बिना भी तेजी से जोड़कर तैयार किया जा सकता है।