By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 02, 2026
रुपये ने बुधवार को सीमित दायरे में कारोबार किया और अंत में दो पैसे की मामूली गिरावट के साथ 94.97 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया। विदेशी पूंजी के प्रवाह से मिले समर्थन पर कमजोर घरेलू शेयर बाजार और मजबूत अमेरिकी डॉलर का असर भारी पड़ा। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) रुपये की गिरावट पर नजर रख रहा है, क्योंकि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल हो गई है और अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ने से बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के बीच डॉलर सूचकांक 99.80 के आसपास बना हुआ है।
कारोबार के दौरान यह 94.83 के ऊंचे और 94.99 के निचले स्तर तक गया। कारोबार के अंत में रुपया यह 94.97 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा जो पिछले बंद भाव से दो पैसे की गिरावट है। मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला किए जाने से भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ गया है।
इससे कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आई है। ऐसे में हमारा अनुमान है कि रुपया थोड़ी नकारात्मक धारणा के साथ कारोबार करेगा... ’’ उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.70 से 95.25 के दायरे में रहने के आसार हैं। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत बढ़कर 99.82 पर पहुंच गया।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 373.93 अंक टूटकर 76,570.35 अंक पर जबकि निफ्टी 141.35 अंक की गिरावट के साथ 23,914.45 अंक पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 0.44 प्रतिशत चढ़कर 95.07 डॉलर प्रति बैरल हो गया। यह तेजी होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंका के बीच आई।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 1,143.38 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।