By अंकित सिंह | Sep 29, 2026
भारतीय शूटर नीरू ढांडा ने एशियाई खेलों में महिलाओं के व्यक्तिगत ट्रैप इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर इतिहास रच दिया। 26 साल की नीरू ने यह उपलब्धि 29 सितंबर को जापान के आइची-नागोया में हासिल की और इन खेलों में भारत के लिए पांचवां गोल्ड मेडल जीता। ढांडा ने अपनी जीत अपनी मां को समर्पित की, जो उनकी कोच भी हैं। इवेंट के बाद उन्होंने कहा कि मैं यह मेडल अपनी मां, अपनी कोच और पूरे भारत देश को समर्पित करती हूं। मैं यह मेडल अपनी मां और अपनी कोच के गले में पहनाना चाहती हूं। मैं इसके लिए बहुत उत्साहित हूं। अपनी जीत के बाद राष्ट्रगान सुनने को उन्होंने बेहद गर्व का पल बताया।
हालात के बारे में बात करते हुए धांडा ने कहा कि हम अपनी रेगुलर ट्रेनिंग के दौरान इसके लिए तैयारी करते हैं। हम खराब मौसम में भी ट्रेनिंग करते हैं, इसलिए उस लिहाज़ से यह सामान्य था। लेकिन हर देश में हालात अलग-अलग होते हैं, इसलिए यहाँ कुछ मुश्किलें आईं। फिर भी, मैंने खुद को शांत रखा, अपने खेल पर ध्यान दिया और गोल्ड जीता। उन्होंने अपनी इस कामयाबी पर खुशी ज़ाहिर करते हुए इसे "बहुत ऊँचे स्तर" की उपलब्धि बताया।
धांडा ने अपने परिवार, कोच और सपोर्ट स्टाफ़ से मिले सहयोग को माना। उन्होंने अपनी माँ, पिता, बुआ अज़ादो देवी (जो खुद एक पूर्व कबड्डी खिलाड़ी रही हैं) और कोच मनशेर सिंह के योगदान पर ज़ोर दिया, जिन्होंने छह साल तक ज़मीनी स्तर से उनके साथ काम किया है। उन्होंने अपनी पूरी टीम से मिले सहयोग का भी ज़िक्र किया, जिसमें विक्रम, ओलंपिक चैंपियन कोच पीटर विल्सन, फिजियोथेरेपिस्ट अश्वनी, साइकोलॉजिस्ट टीजे और उनके साथी खिलाड़ी शामिल थे।