By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 21, 2026
मनु भाकर जब 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में पहली बार उतरी तो भारतीय निशानेबाजी का एक प्रतिभाशाली उदीयमान चेहरा थीं , सौरभ चौधरी भी उस जमात में थे और अब सात साल बाद पार्थ माने कामयाबी का एक नया अध्याय लिख रहे हैं। अठारह बरस के पार्थ ने पुरूषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारतीय निशानेबाजी की गहराई को फिर साबित किया है। पार्थ के लिये यह पदक निशानेबाजी रेंज पर एक दिन के अच्छे प्रदर्शन का नतीजा नहीं है बल्कि जूनियर से सीनियर स्तर पर खेलने के कठिन सफर की सुखद परिणिति है।
पार्थ ने एशियाई खेलों में पदार्पण के साथ रजत जीतने पर कहा ,‘‘ यह मेरे लिये खास पल और खास पदक है क्योंकि सीनियर स्तर पर यह मेरा पहला पदक है।’’ वह व्यक्तिगत फाइनल में मामूली अंतर से चूक गए जिसमें उनके साथी हिमांशु ढिल्लों और रूद्रांक्ष पाटिल ने जगह बनाई। पार्थ , ढिल्लों और रूद्रांक्ष ने टीम स्पर्धा में रजत जीता।
पार्थ 13 बरस की उम्र में निशानेबाजी से जुड़े जब उनके पिता उन्हें स्कूल में निशानेबाजी समर कैम्प में ले गए। पार्थ ने कहा ,‘‘ मुझे रेंज का माहौल बहुत पसंद आया। निशानेबाजी में सुकून मिला। मुझे लगा कि एक दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिये खेल सकता हूं।’’ उनका अगला लक्ष्य कतर में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप है जिसमें लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का कोटा हासिल करने पर नजरें होंगी।