By रेनू तिवारी | Sep 26, 2026
एशियाई खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। 26 सितंबर का दिन भारतीय खेल प्रेमियों के लिए बेहद खास और रोमांच से भरा रहा। एक तरफ जहाँ महिला कबड्डी टीम ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए एशियाई खेलों में देश के लिए तीसरा गोल्ड मेडल अपने नाम किया, वहीं दूसरी ओर स्क्वैश के मिक्स्ड डबल्स इवेंट से भी भारत की झोली में एक कांस्य (ब्रॉन्ज) पदक आया। भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराया और यह कड़ा मुक़ाबला अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही भारतीय दल के पदकों की संख्या में और इजाफ़ा हुआ।
छोटी-मोटी गलतियों के अलावा, भारतीय टीम की मानसिक मज़बूती ने उन्हें मैच जीतने और अंततः पहले स्थान पर रहने में मदद की। संजू देवी एक बार फिर भारत के लिए स्टार साबित हुईं, जैसा कि वे पूरे टूर्नामेंट के दौरान रही थीं।
स्क्वैश मिक्स्ड डबल्स में जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार को ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा
जहाँ एक तरफ़ देश महिला कबड्डी फ़ाइनल में भारत की गोल्ड मेडल जीत से बेहद खुश है, वहीं दूसरी तरफ़ थोड़ी निराशा भी हुई क्योंकि जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार की जोड़ी स्क्वैश मिक्स्ड डबल्स मुक़ाबले में ब्रॉन्ज़ मेडल ही जीत सकी।
उन्होंने 26 सितंबर को सेमीफ़ाइनल में हांगकांग के ली का यी और तांग मिंग होंग का सामना किया। इस जोड़ी को सेमीफ़ाइनल में तीन गेम के मुक़ाबले में हार का सामना करना पड़ा और उन्हें ब्रॉन्ज़ मेडल से संतोष करना पड़ा। कड़े मुक़ाबले में भारतीय जोड़ी 10-11, 11-2, 10-11 से हार गई।
भारत के पदकों की संख्या बढ़कर 27 हुई
तीन गोल्ड, 11 सिल्वर और 13 ब्रॉन्ज़ मेडल के साथ, एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल के पदकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है। वे अभी भी स्टैंडिंग में 12वें स्थान पर हैं और आने वाले इवेंट्स में और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं। यह ध्यान देने वाली बात है कि पुरुषों की कबड्डी टीम भी जल्द ही गोल्ड मेडल मैच में मुख्य आकर्षण होगी, और इस मुकाबले में भारत से एक और शीर्ष स्थान हासिल करने की उम्मीद की जा सकती है।
आगे की राह: पुरुषों की कबड्डी टीम पर होंगी नज़रें
महिला टीम की स्वर्णिम सफलता के बाद अब पूरे देश की निगाहें पुरुषों की कबड्डी टीम पर टिकी हैं। पुरुष टीम भी जल्द ही अपने गोल्ड मेडल मैच में उतरने जा रही है। टीम के मौजूदा फॉर्म को देखते हुए भारत को कबड्डी स्पर्धा से एक और गोल्ड मेडल मिलने की पूरी उम्मीद है। इसके अलावा आगामी एथलेटिक्स और अन्य प्रमुख स्पर्धाओं से भी भारत के खाते में कई और पदक आने की संभावना है।