Bangladesh में भारत के यार्न ने घुसकर किया खेल, युनूस राज में टेक्सटाइल मिल्स बंद

By अभिनय आकाश | Jan 29, 2026

जिस बांग्लादेश को दुनिया रेडीमेड गारमेंट का हब मानती थी आज उसी बांग्लादेश की टेक्सटाइल और स्प्रिंग इंडस्ट्री पूरी तरह ठप होने की कगार पर है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि बांग्लादेश टेक्सटाइल्स मिल्स एसोसिएशन खुद कह रही है कि 1 फरवरी से देश की लगभग सारी स्पिनिंग मिल्स अनिश्चित समय के लिए बंद कर दी जाएंगी और सबसे चौंकाने वाली बात इसके पीछे कहीं ना कहीं भारत की ताकत और रणनीति सबसे बड़ा फैक्टर बनकर उभरी है। पहले जरा बेसिक समझिए। बांग्लादेश की पूरी गारमेंट इंडस्ट्री तीन स्टेप में चलती है। पहला है कपास, दूसरा है यान यानी कि धागा और तीसरा है कपड़े। स्पिनिंग मिल्स ही वो जगह है जहां कपास से यान बनता है और यही यान आगे चलकर शर्ट, टीशर्ट, पैंट, जैकेट में बदलता है। 

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कीमत में सस्ता है और सप्लाई में स्थिर है। जैसे ही बांग्लादेश में ड्यूटी फ्री इंपोर्ट का रास्ता खुला, भारतीय यान भारी मात्रा में बांग्लादेश पहुंचने लगा। गारमेंट फैक्ट्रियों ने एक सेकंड भी नहीं सोचा। उन्होंने लोकल बांग्लादेशी यान छोड़ा और भारतीय यान खरीदना शुरू कर दिया क्योंकि उन्हें कम दाम में बेहतर माल मिल रहा था। इसका असर क्या हुआ? भारत से आने वाले यान पर लैंड पोर्ट के रास्ते रोक लगा दी। लेकिन सी पोर्ट यानी कि समुद्री रास्ते से आने वाले यान पर कोई रोक नहीं। नतीजा भारतीय एक्सपोर्टर्स ने बस रास्ता बदल दिया और पहले से भी ज्यादा यान समुद्र के रास्ते बांग्लादेश पहुंचने लगे। ऐसे भारतीय यान की पकड़ बांग्लादेशी बाजार में और मजबूत हो गई। आज हालात इतने खराब है कि बांग्लादेश की स्पिनिंग मिल्स खुले तौर पर कह रही है कि हम पूरी तरह फाइनेंशियल नॉन वायबल हैं।

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