भारत के नए एफडीआई नियम से बौखलाया चीन, WTO के सिद्धांतों का दिया हवाला

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 20, 2020

नयी दिल्ली। चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने सोमवार को कहा कि कुछ खास देशों से प्रत्यक्ष विदेश निवेश के लिए भारत के नए नियम डब्ल्यूटीओ के गैर-भेदभाव वाले सिद्धांन्त का उल्लंघन करते हैं और मुक्त व्यापार की सामान्य प्रवृत्ति के खिलाफ हैं। अधिकारी ने कहा कि ‘‘अतिरिक्त बाधाओं’’ को लागू करने वाली नई नीति G20 समूह में निवेश के लिए एक स्वतंत्र, निष्पक्ष, गैर-भेदभावपूर्ण और पारदर्शी वातावरण के लिए बनी आम सहमति के खिलाफ भी है।

केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह कोरोना वायरस महामारी के बाद घरेलू कंपनियों के ‘‘अवसरवादी अधिग्रहण’’ पर अंकुश लगाने के लिए भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से विदेशी निवेश के लिए सरकारी मंजूरी को अनिवार्य कर दिया। चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने एक बयान में कहा, ‘‘भारतीय पक्ष द्वारा विशिष्ट देशों से निवेश के लिए लगाई गई अतिरिक्त बाधाएं डब्ल्यूटीओ केगैर-भेदभाव वाले सिद्धांन्त का उल्लंघन करती हैं, और उदारीकरण तथा व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने की सामान्य प्रवृत्ति के खिलाफ हैं।

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