By Ankit Jaiswal | Dec 07, 2025
देशभर में इंडिगो एयरलाइन का संकट रविवार को भी जारी रहा। कुल 650 उड़ानें रद्द की गईं, जिनमें अकेले हैदराबाद से 115 और मुंबई से 112 फ्लाइटें शामिल हैं। इससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एयरलाइन ने कहा है कि ऑपरेशंस को 10 दिसंबर तक स्थिर करने की उम्मीद है और नेटवर्क में तेज़ी से सुधार किए जा रहे हैं। इंडिगो ने संकट पर नज़र रखने के लिए एक क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप भी बनाया है, जो लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।
कई प्रमुख एयरपोर्ट्स पर स्थिति गंभीर बनी हुई है। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और कोलकाता में सबसे अधिक उड़ानें रद्द हुईं। दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट ने विशेष सलाह जारी करते हुए यात्रियों से घर से निकलने से पहले फ्लाइट स्टेटस जांचने की अपील की। वहीं मुंबई और हैदराबाद में यात्रियों की लंबी कतारें और शिकायतें लगातार जारी हैं। दिल्ली, मुंबई, अमृतसर और चेन्नई में भी यात्रियों की भारी भीड़ के वीडियो सामने आए, जिनमें लोग घंटों इंतज़ार करते दिखे।
इस संकट का असर पर्यटन और सरकारी कामकाज पर भी पड़ा है। राजस्थान का पीक टूरिस्ट सीज़न बुरी तरह प्रभावित हुआ है, दिसंबर-जनवरी की बुकिंग कैंसिल होने लगी हैं। कई पर्यटक अपनी यात्रा टाल रहे हैं। वहीं महाराष्ट्र के मंत्री, विधायक और अफसर नागपुर विधानसभा सत्र के लिए अब हवाई यात्रा की जगह रेल, सड़क और प्राइवेट जेट विकल्प तलाशने पर मजबूर हैं।
उधर, DGCA ने चार सदस्यीय जांच कमेटी बना दी है, जो 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी। इस बीच एयरलाइन ने दावा किया है कि शनिवार तक वह 1,500 उड़ानें चला चुकी है और रविवार को 1,650 उड़ानों का लक्ष्य रखा है। ऑन-टाइम परफॉर्मेंस भी 30% से बढ़कर 75% तक पहुंचने की बात कही गई है। साथ ही 15 दिसंबर तक टिकट कैंसिलेशन और रि-शेड्यूलिंग पर पूरा वेवर दिया गया है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि इंडिगो को जवाबदेह इसलिए नहीं ठहराया जा रहा क्योंकि उसने चुनावी बाँड के जरिए सत्ताधारी पार्टी को आर्थिक मदद दी थी। उनका कहना था कि यह घटना बताती है कि बड़ी कॉरपोरेट कंपनियाँ सरकार पर हावी होती जा रही हैं।
इसी बीच रेलवे ने भी दो विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है ताकि उड़ान रद्द होने से परेशान यात्रियों को विकल्प मिल सके। स्पाइसजेट ने भी अतिरिक्त उड़ानों की घोषणा की है ताकि एयर ट्रैफिक दबाव को कुछ कम किया जा सके। संकट के लगातार छठे दिन तक पहुंच जाने के बाद अब उम्मीद बनी है कि 10–15 दिसंबर के बीच स्थिति सामान्य हो सकती है, जैसा कि एयरलाइन और मंत्रालय दोनों ने संकेत दिया है।