By Ankit Jaiswal | Oct 25, 2026
मुंबई से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए आने वाले समय में हवाई सफर के विकल्प बदल सकते हैं। इंडिगो फरवरी 2027 से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अपनी रोजाना 12 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ट्रांसफर करने की योजना बना रही है। यह कदम पहले से तय बड़े बदलाव की योजना टलने के बाद उठाया जा रहा है। उस योजना का कई विमानन कंपनियों ने विरोध किया था।
यात्रियों को घरेलू उड़ानों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए कुछ घरेलू सेवाओं को भी नवी मुंबई ट्रांसफर किया जाएगा। दोनों कंपनियां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच यात्रियों के आवागमन की व्यवस्था को अंतिम रूप दे रही हैं। उड़ानों की तारीखों और समय-सारणी की घोषणा संबंधित तैयारियां पूरी होने और जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद की जाएगी।
इस बदलाव का एक बड़ा उद्देश्य मुंबई के मौजूदा हवाई अड्डे पर दबाव कम करना है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जगह सीमित होने के कारण नई उड़ानें शुरू करना और पुराने टर्मिनल का पुनर्विकास करना चुनौतीपूर्ण है। इंडिगो को उम्मीद है कि कुछ उड़ानें नवी मुंबई ट्रांसफर होने से वह 2027 में एशिया, अफ्रीका और यूरोप के लिए नई अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शुरू कर सकेगी। इसके लिए कंपनी अपने बढ़ते एयरबस ए320, ए321 और ए321एक्सएलआर विमानों के बेड़े का इस्तेमाल करेगी। घरेलू उड़ानों का ट्रांसफर भी टर्मिनल 1 के 2030 तक प्रस्तावित पुनर्विकास में मदद करेगा।
गौरतलब है कि इससे पहले मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड ने 25 अक्टूबर से अपनी 770 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से 265 को नवी मुंबई ट्रांसफर करने का प्रस्ताव रखा था। इस योजना से करीब 46 विमानन कंपनियां प्रभावित होतीं। हालांकि, कंपनियों ने यात्रियों की सुविधा, उड़ानों के समय, उपलब्ध क्षमता और सलाह-मशविरे को लेकर चिंता जताई थी। इसके बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने योजना टालने और सभी पक्षों की सहमति से बदलाव करने को कहा था।
13 अक्टूबर को मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड ने स्पष्ट किया था कि 27 मार्च 2027 को समाप्त होने वाली सर्दियों की समय-सारणी तक मौजूदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का आवंटन नहीं बदलेगा। इसके बाद अलग-अलग विमानन कंपनियों से बातचीत करके बदलाव किए जाएंगे। इंडिगो की योजना इसी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही है।
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2025 में किया था। इसके पहले चरण पर करीब 19,650 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यहां 25 दिसंबर 2025 से व्यावसायिक उड़ानें शुरू हुई थीं। इंडिगो ने बेंगलुरु से पहली आने वाली और हैदराबाद के लिए पहली रवाना होने वाली उड़ान संचालित की थी। अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं 15 जुलाई 2026 को अबू धाबी जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान के साथ शुरू हुई थीं।
इस हवाई अड्डे की पूरी योजना में 4 टर्मिनल और 2 समानांतर रनवे शामिल हैं। टर्मिनलों के बीच यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए स्वचालित परिवहन व्यवस्था बनाने की भी योजना है। अडानी समूह दोनों हवाई अड्डों से जुड़ा है। अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स लिमिटेड की मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड में 74% हिस्सेदारी है, जबकि मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड की नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड में भी 74% हिस्सेदारी है। ऐसे में उड़ानों का चरणबद्ध ट्रांसफर मुंबई क्षेत्र में हवाई यातायात और भविष्य की क्षमता को व्यवस्थित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।