प्रभासाक्षी के कार्यक्रम में बोलीं इंदिरा दांगी, विश्व की सबसे प्राचीन भाषा की संवाहिका हिंदी है

By अभिनय आकाश | Sep 14, 2021

भारत में आज हिंदी दिवस मनाया जा रहा है। अगर आंकड़ों के आधार पर बात करें तो अंग्रेजी, स्पैनिश और मंदारिन के बाद हिंदी दुनिया में चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। वेबपोर्टल प्रभासाक्षी की ओर से हिंदी दिवस पर बेविनार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें  लेखिका है व साहित्य अकादमी द्वारा सन् 2015 के युवा पुरस्कार से सम्मानित हैं इंदिरा दांगी को वक्तव्य देने के लिए प्रभासाक्षी के संपादक नीरज कुमार दुबे की तरफ से आमंत्रति किया गया। इंदिरा दांगी ने कहा कि कोई  भी भाषा जब विकास करती है तो उसमें संकट आते हैं। अंग्रेजी लोग अलग तरह से बोलते हैं। उसी तरह हिंदी भी अलग-अलग राज्यों की बोलियों से मिलकर समृद्ध होती है। अंग्रेजी ने अपने अंदर उदारतापूर्वक अन्य चीजों को अपने अंदर समाहित किया। भाषा एक बहती नदी की तरह है। उसको लेकर अड़ने की जरूरत नहीं है। संस्कृत के साथ ऐसा ही हुआ।

हिंदी साहित्य के जरिये रोजगार की क्या संभावनाएं हैं

संपादक नीरज कुमार दुबे के सवाल पर जवाब देते हुए इंदिरा दांगी ने कहा कि भाषा तो एक माध्यम हैं। आप जीवन और करियर में खुद को कैसे प्रस्तुत करते हैं। शिक्षा जगत में व्यापक सी भावना है कि गणित और साइंस में ज्यादा ध्यान दिया जाए भाषा तो इंसान वैसे ही पढ़ लेगा। लेकिन ये गलत है। 

प्रमुख खबरें

हिरासत में अभिजीत दीपके, उधर गम में डूब गया उनका परिवार, क्या वापस लौटेंगे मुंबई?

Gen Z युवा तनाव छिपाने के लिए ले रहे AI Chatbots का सहारा, Health Experts ने दी चेतावनी

प्रोटेस्ट के बीच सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को दिल्ली पुलिस बस में भरकर कहां ले जा रही थी? तुरंत एक्शन में आए CJI सूर्यकांत

AFC U17 Women Asian Cup: मलेशिया से ड्रॉ भी भारत को दिला देगा टूर्नामेंट का टिकट