By अनन्या मिश्रा | Nov 19, 2023
वर्तमान समय में भारत विश्व पटल पर एक सशक्त परमाणु संपन्न देश के तौर पर मजबूती से खड़ा है। लेकिन इसकी नींव देश की आयरन लेडी कही जाने वाली पहली महिला पीएम इंदिरा गांधी के जमाने में पड़ी थी। आज ही के दिन यानी की 19 नवंबर को इंदिरा गांधी का जन्म हुआ था। देश के लिए किए गए साहसिक फैसलों के लिए आज भी पूर्व पीएम इंदिरा गांधी को याद किया जाता है। बता दें कि पूर्व पीएम और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी ने साहसिक फैसलों के कारण इंदिरा गांधी को 'दुर्गा' कहकर संबोधित किया था।
जन्म
आपको बता दें कि 19 नवंबर 1917 में देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरु के घर इंदिरा गांधी का जन्म हुआ था। इंदिरा हमेशा अपने पिता के राजनीतिक कामों में उनकी मदद किया करती थीं। वहीं महज 11 साल की उम्र में इंदिरा गांधी ने अन्य बच्चों के साथ मिलकर ब्रिटिश शासन के खिलाफ वानर सेना बनाई थी। हांलाकि राजनीति में प्रवेश से पहले इंदिरा गांधी को शांत, मूक गुड़िया जैसा माना जाता था। लेकिन राजनीति में प्रवेश के बाद इंदिरा गांधी ने पूरे एशिया का भूगोल बदल दिया था।
राजनीति में प्रवेश
साल 1938 में इंदिरा गांधी औपचारिक रूप से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हुईं। वहीं जवाहरलाल नेहरु के बाद उन्होंने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का काम किया और देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बन देश को नई दिशा देने का काम किया। बता दें कि एक दौर में मोरारजी देसाई ने इंदिरा गांधी को 'गूंगी गुड़िया' कहकर संबोधित किया था। लेकिन पूर्व पीएम इंदिरा ने अपने साहसिक फैसलों के कारण 'आयरन लेडी' बनकर उभरीं।
विवाह
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के दौरान इंदिरा गांधी की मुलाकात फिरोज गांधी से हुई। उस दौरान फिरोज़ गांधी लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स में पढ़ाई कर रहे थे। हांलाकि इंदिरा फिरोज को इलाहाबाद से जानती थी। पढ़ाई पूरी होने के बाद जब यह दोनों भारत वापस आए, तो 16 मार्च 1942 को आनंद भवन, इलाहाबाद, में इनकी शादी हो गई।
इंदिरा गांधी द्वारा लिए गए महत्वपूर्ण फैसले
19 जुलाई, 1969 को इंदिरा गांधी पीएम पद पर रहते हुए बैंकों के राष्ट्रीयकरण का अध्यादेश लाईं।
वहीं इंदिरा गांधी ने पाकिस्तान को इतना गहरा जख्म दिया था, जिसकी टीस आज भी पाक महसूस करता है। साल 1971 के यु्द्ध में बांग्लादेश का जन्म हुआ। दरअसल, पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए और बांग्लादेश बना।
साल 1947 में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में परमाणु परीक्षण कर भारत ने दुनिया को हैरत में डाल दिया था।
इंदिरा ने 1 जून, 1984 से 8 जून, 1984 तक अमृतसर के गोल्डन टेम्पल में आपरेशन ब्लू स्टार चलाया था। इस ऑपरेशन के दौरान भिंडरावाला और उसके समर्थकों को मार गिराया था। हांलाकि धार्मिक स्थल पर इस तरह की कार्यवाही करने के कारण सिख समाज उनके खिलाफ हो गया था। लेकिन इस ऑपरेशन के चलते चार दशक तक खालिस्तान दोबारा उठकर नहीं खड़ा हो सका था।
सियासत में माहिर इंदिरा गांधी के सबसे विवादित फैसलों में शुमार आपातकाल रहा। साल 1975 में पूरे देश में आपतकाल लगाया गया। जो लोकतंत्र के सीने में जख्म के समान रहा। जिसकी वजह से बाद में इंदिरा गांधी को सत्ता से भी हाथ धोना पड़ा था।
मौत
बता दें कि अमृतसर के गोल्डन टेम्पल में चलाए गए ऑपरेशन ब्लू स्टार ने पूरे पंजाब को हिलाकर रख दिया था। जिसके कारण सिख समुदाय इंदिरा गांधी से काफी ज्यादा नाराज हो गया था। इसी कारण 31 अक्तूबर 1984 को सिख अंगरक्षकों सतवंत सिंह और बेअंत सिंह ने गोली मारकर इंदिरा गांधी की हत्या कर दी थी।