उद्योग ने कहा- जिंस कीमतों के दबाव से निपटने के लिए कंपनियों को तैयार रहना होगा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 01, 2022

चालू वित्त वर्ष के लिए रिजर्व बैंक के मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को बरकरार रखने को लेकर भारतीय कंपनी जगत ने शुक्रवार को कहा कि कारोबार क्षेत्र को निकट से लेकर मध्यम अवधि में जिंसों के दाम में बने दबाव का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान 6.7 प्रतिशत पर बनाए रखा है। रूस-यूक्रेन युद्ध से पैदा हुए वैश्विक भू-राजनीतिक हालात के बीच मुद्रास्फीति का यह स्तर बने रहने का अनुमान जताया गया है।

उद्योग मंडल एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा कि मांग में सुधार और आपूर्ति में बढ़त ऐसे जुड़वा सकारात्मक बिंदु हैं जो सात प्रतिशत की टिकाऊ वृद्धि को सुनिश्चित करेंगे। उद्योग मंडल फिक्की के अध्यक्ष संजीव मेहता ने कहा कि भारत में त्योहारी मौसम शुरू होने से मांग को कुछ समर्थन मिलेगा। हालांकि, नए साल में प्रवेश करते समय वृद्धि की इस रफ्तार को बनाए रखना एक चुनौती होगी और बजट तैयार करते समय इसका ध्यान रखना होगा।

मेहता ने कहा, ‘‘कारोबार जगत को निकट अवधि से लेकर मध्यम अवधि के लिए जिंसों की कीमतों में व्याप्त दबाव का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।’’ आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति ने मुद्रास्फीति के उच्चस्तर को देखते हुए नीतिगत ब्याज दर रेपो में एक बार फिर 0.50 प्रतिशत की वृद्धि कर दी। इसके साथ ही पिछले पांच महीनों में रेपो दर चार प्रतिशत से बढ़कर 5.90 प्रतिशत हो चुकी है।

प्रमुख खबरें

Delhi Police Intelligence System | बड़े विरोध प्रदर्शनों से पहले दिल्ली पुलिस मजबूत करेगी अपना इंटेलिजेंस नेटवर्क, स्पेशल ब्रांच रखेगी हर हलचल पर नजर

Daily Egg Consumption: रोजाना अंडा खाने से शरीर में क्या बदलाव आते हैं? जानिए इसके Health Benefits

UPI के 10 साल पूरे, PM Modi ने सराहा, 13 हजार गुना बढ़े डिजिटल लेनदेन

Famous Temple: मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक Matangeshwar Temple में साक्षात महादेव, जानिए मंदिर का रोचक इतिहास