By नीरज कुमार दुबे | Aug 13, 2025
जम्मू-कश्मीर में स्वतंत्रता दिवस से पहले आतंकवादियों और पाकिस्तान प्रायोजित घुसपैठ की कोशिशों के बीच सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। बुधवार को बारामूला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सेना ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी, लेकिन मुठभेड़ में एक वीर जवान शहीद हो गया। चुरुंडा इलाके में चल रहा यह अभियान अभी जारी है।
इसी बीच, कुलगाम जिले के अखल वन क्षेत्र में पिछले 13 दिनों से चल रहा आतंकवाद रोधी अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस लंबी कार्रवाई में अब तक दो जवान शहीद हुए हैं और नौ घायल हुए हैं, जबकि दो आतंकवादी मारे जा चुके हैं। यह हाल के वर्षों में कश्मीर घाटी में सबसे लंबा आतंकवाद रोधी अभियान है। कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) वी.के. बिरदी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अखल अभियान अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है।’’ उन्होंने कहा कि अभियान का विवरण समय आने पर साझा किया जाएगा।
हम आपको बता दें कि पुलिस और सुरक्षा बल स्वतंत्रता दिवस से पहले घाटी में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर रहे हैं। श्रीनगर में ऊंची इमारतों से लेकर सड़कों तक सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। दूसरी ओर, घुसपैठ, आतंकी ठिकानों की घेराबंदी और सीमाई इलाकों में कर्फ्यू, ये सब इस बात के गवाह हैं कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंक का सामना करने में भारतीय सुरक्षा बल चौबीसों घंटे मोर्चे पर डटे हैं।