Infosys ने मिलाया Anthropic से हाथ, Enterprise AI की दुनिया में बढ़ेगा भारत का दबदबा

By Ankit Jaiswal | Feb 17, 2026

डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में एक अहम साझेदारी की घोषणा हुई है। आईटी दिग्गज इंफोसिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सुरक्षा और अनुसंधान कंपनी एंथ्रोपिक के साथ मिलकर उन्नत एंटरप्राइज एआई समाधान विकसित करने का फैसला किया है, जिससे दूरसंचार, वित्तीय सेवाएं, विनिर्माण और सॉफ्टवेयर विकास जैसे क्षेत्रों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

इस सहयोग का मुख्य आधार एंथ्रोपिक के क्लॉड मॉडल, जिनमें क्लॉड कोड भी शामिल है, को इंफोसिस की टोपाज एआई पेशकशों के साथ एकीकृत करना है। इसका उद्देश्य जटिल वर्कफ्लो का स्वचालन, सॉफ्टवेयर डिलीवरी में तेजी और नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप पारदर्शी व जिम्मेदार एआई अपनाने में कंपनियों की मदद करना है। गौरतलब है कि विनियमित उद्योगों में डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता की मांग लगातार बढ़ रही है, ऐसे में यह पहल अहम मानी जा रही है।

साझेदारी का फोकस ‘एजेंटिक एआई’ पर रहेगा, जो केवल प्रश्नों के उत्तर देने तक सीमित नहीं बल्कि बहु-चरणीय प्रक्रियाओं को स्वतंत्र रूप से संभाल सके। उदाहरण के तौर पर बीमा दावों की प्रोसेसिंग, कोड तैयार करना और उसका परीक्षण, या अनुपालन समीक्षा जैसे कार्यों को स्वचालित तरीके से पूरा करना शामिल है। क्लॉड एजेंट एसडीके जैसे उपकरणों के माध्यम से कंपनियां ऐसे एआई एजेंट तैयार कर सकेंगी, जो लंबे और जटिल कार्यों को निरंतरता के साथ संभाल सकें।

मौजूद जानकारी के अनुसार, यह पहल पुराने आईटी सिस्टम के आधुनिकीकरण में भी मदद करेगी। इंफोसिस टोपाज और क्लॉड मॉडल के संयोजन से विरासत प्रणालियों के माइग्रेशन की प्रक्रिया तेज करने और लागत घटाने का लक्ष्य रखा गया है।

दूरसंचार क्षेत्र में एआई एजेंट नेटवर्क संचालन को आधुनिक बनाने, ग्राहक जीवनचक्र प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने और सेवा गुणवत्ता सुधारने में सहायक होंगे। वहीं वित्तीय सेवाओं में जोखिम मूल्यांकन, अनुपालन रिपोर्टिंग और ग्राहक-विशिष्ट वित्तीय सलाह देने जैसे कार्यों में तेजी लाई जा सकेगी। विनिर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्र में उत्पाद डिजाइन और सिमुलेशन की प्रक्रिया तेज होगी, जिससे अनुसंधान एवं विकास का समय घट सकता है। सॉफ्टवेयर विकास में टीमें क्लॉड कोड की मदद से कोड लिखने, परीक्षण और डिबगिंग की प्रक्रिया को अधिक कुशल बना सकेंगी।

एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोदेई ने कहा कि डेमो स्तर के एआई मॉडल और विनियमित उद्योगों में काम करने वाले एआई के बीच बड़ा अंतर होता है, जिसे दूर करने के लिए गहन डोमेन विशेषज्ञता जरूरी है। वहीं इंफोसिस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलील पारेख ने कहा कि एआई केवल दक्षता बढ़ाने का माध्यम नहीं बल्कि उद्योगों के संचालन और नवाचार की परिभाषा बदलने वाली शक्ति बन चुका है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस साझेदारी से वैश्विक कंपनियों को एआई अपनाने की प्रक्रिया में विश्वसनीयता और पैमाने का लाभ मिलेगा तथा भारत की आईटी कंपनियां एंटरप्राइज एआई समाधान के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेंगी।

प्रमुख खबरें

Trump की पत्नी को प्रपोज करने वाले को टर्किश दुल्हन क्यों चाहिए? मेलोनी को भी भेजा शादी का ऑफर

अचानक भारत के गुण गाने लगा ईरान, पाकिस्तान सदमें में चला गया

365 दिन में 100 ब्रह्मोस मिसाइल, भारत ने तोड़ा रिकॉर्ड

Famous Temple: Vrindavan का Secret Shaktipeeth, जहां गिरे थे मां सती के केश, जानिए इसका कृष्ण कनेक्शन