Haldwani Violence । पहले ही मिल गए थे हल्द्वानी में हिंसा भड़कने के इनपुट, फिर भी स्थानीय प्रशासन ने जानकारी को किया नजरअंदाज?

By एकता | Feb 11, 2024

उत्तराखंड के हलद्वानी में गुरुवार को प्रशासन ने अवैध रूप से निर्मित एक मस्जिद और एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया गया था, जिसके बाद इलाके में हिंसा भड़क गयी थी। हिंसा के बाद से इलाके में तनाव का मौहाल बना हुआ था, जो अब सामान्य हो गया है। रविवार सुबह दुकानें फिर से खुल गईं और कई इलाकों में बंद की गयी इंटरनेट सेवाओं को भी बहाल कर दिया गया है। हालाँकि, पुलिस अभी भी अलर्ट पर है और स्थित की निगरानी कर रही है। इन सब के बीच एक रिपोर्ट सामने आयी है, जिसमें कहा गया है कि काफी पहले से हल्द्वानी को जलाने की तैयारियां चल रही थी। खुफिया एजेंसी ने स्थानीय प्रशासन को इस बात की जानकारी भी दी थी, जसी उन्होंने नजरअंदाज किया।

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रिपोर्ट में कार्रवाई के दौरान कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए फोटोग्राफी, पीएसी तैनाती जैसे कुछ तरीके अपनाने की सलाह दी गयी थी। इंटेलिजेंस के सभी इनपुट को स्थानीय प्रशासन ने नजरअंदाज किया, जिसकी वजह से हल्द्वानी में बड़े स्तर पर हिंसा हुई। उत्तराखंड के गृह विभाग के सूत्रों ने बताया कि सीएम पुष्कर सिंह धामी की वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक में ये मुद्दा उठाया गया है।

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उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने शनिवार को केंद्रीय गृह सचिव को लिखे पत्र में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की चार अतिरिक्त कंपनियों का अनुरोध किया था। हल्द्वानी के ताजा हालातों की बात करें तो बनभूलपुरा क्षेत्र को छोड़कर शेष हल्द्वानी में कर्फ्यू हटा दिया गया है। शहर में करीब 1000 सुरक्षाकर्मी पहले से ही तैनात हैं। बनभूलपुरा में दुकानें बंद हैं और सड़कों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

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