'सलमान खान को मौत के घाट उतारना नहीं था मकसद, केवल धमकाने के लिए चलाई गोली', गोलीबारी करने वाले आरोपी का खुलासा

By रेनू तिवारी | Aug 06, 2024

मुंबई: अभिनेता सलमान खान के बांद्रा स्थित अपार्टमेंट पर 14 अप्रैल को की गई गोलीबारी का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था। इसके बजाय, हमलावर खान को राजस्थान में बिश्नोई समुदाय द्वारा पूजे जाने वाले काले हिरण को मारने के बाद माफी न मांगने के लिए धमकाना चाहते थे, यह बात आरोपी विक्की कुमार गुप्ता ने सोमवार को विशेष मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) अदालत में दायर अपनी जमानत याचिका में कही।

इसे भी पढ़ें: पति ज़ोरावर से तलाक लेने पर Kusha Kapila पर उठे थे लाखों सवाल, मां को दिए गये बहुत ताने, एक्ट्रेस ने इंटरव्यू में अपने खराब समय से जुड़ी बातें शेयर की

अधिवक्ता अमित मिश्रा और सुशील मिश्रा के माध्यम से दायर अपनी जमानत याचिका में गुप्ता ने दावा किया कि वह परिस्थितियों का शिकार है। उसने कहा कि जब कोविड-19 महामारी के दौरान तमिलनाडु में मजदूर के रूप में उसकी नौकरी चली गई, तो उसने मदद के लिए अपने मूल स्थान के निवासी पाल से संपर्क किया। पाल ने उसे ड्राइवर के तौर पर काम करने के लिए पंजाब के जालंधर भेज दिया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद गुप्ता को बताया गया कि उसे एक “शुभ धार्मिक मिशन” के लिए मुंबई जाना होगा।

इसे भी पढ़ें: 'जया बच्चन' कहें या 'जया अमिताभ बच्चन'? राज्यसभा में अभिनेत्री से राजनेता बनीं Jaya Bachchan ने छेड़ी नयी बहस, जानें क्या हैं पूरा मामला?

मुंबई पहुंचने के बाद ही अनमोल बिश्नोई ने उसे फोन किया और सलमान खान के अपार्टमेंट पर कुछ राउंड फायरिंग की योजना के बारे में बताया, उसने अपनी जमानत याचिका में कहा। उसने कहा कि उसने अपराध इसलिए किया क्योंकि अनमोल बिश्नोई ने उसे “यह भरोसा दिलाया था कि उसे (गुप्ता को) कुछ नहीं होगा” और किसी भी मामले में उसकी भूमिका बाइक चलाने और पाल को बांद्रा ले जाने तक ही सीमित थी; उसने कहा कि पाल ने ही खान के घर पर गोलियां चलाईं।

गुप्ता ने कहा कि वह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला है जिसमें उसकी बुजुर्ग मां, पत्नी और दो बच्चे शामिल हैं और चूंकि मुकदमा शुरू होने में काफी समय लगेगा, इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए।

विशेष न्यायाधीश बीडी शेलके ने मुंबई पुलिस की अपराध शाखा को जमानत याचिका पर जवाब देने का निर्देश दिया और मामले की सुनवाई 13 अगस्त को तय की।

पुलिस द्वारा विशेष मकोका अदालत में दाखिल 1,735 पन्नों के आरोपपत्र में पुलिस ने गुप्ता, पाल और अनमोल बिश्नोई समेत नौ लोगों के नाम लिए हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपियों में गुप्ता, सागरकुमार पाल, सोनूकुमार बिश्नोई, मोहम्मद रफीक चौधरी और हरपाल सिंह और अनुजकुमार थापन शामिल हैं। थापन की कथित तौर पर पुलिस हिरासत में आत्महत्या से मौत हो गई, जबकि बाकी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

प्रमुख खबरें

तुगलकी रास्ते से सत्ता की चाहत का हश्र शिवसेना जैसा होगा

क्या हम विकास और विनाश के बीच संतुलन साध पाएंगे?

Top 10 Breaking News 30 June 2026 | Gold prices fall | Lohagad Fort History | Ram Temple donation theft probe Updates | आज की मुख्य सुर्खियाँ यहां विस्तार से पढ़ें

PDRN Serum Benefits: बेजान त्वचा और झुर्रियों का Solution है PDRN Serum, देगा Youthful Glow