ट्रांसजेंडर महिलाएं नहीं ले पाएंगी ओलंपिक में हिस्सा, पेरिस खेलों में हुआ था विवाद

By Kusum | Mar 27, 2026

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने ट्रांसजेंडर महिलाओं और डिफरेंसेज इन सेक्स डेवलपमेंट एथलीटों को ओलंपिक में महिला कैटेगरी में हिस्सा लेने पर रोक लगा दिया। इस फैसले की घोषणा करते हुए आईओसी के अध्यक्ष क्रिस्टी कोवेंट्री ने कहा कि जैविक रूप से पुरुषों का महिला वर्ग में हिस्सा लेना सही नहीं होगा। आईओसी ने ये भी कहा कि ओलंपिक में महिला कैटेगरी में हिस्सा लेने वाली एथलीट्स को एक बार एसआरवाई जीन स्क्रीनिंग करवानी होगी। ये बायोलॉजिकल महिलाओं पर भी लागू होगा। 

अल्जीरिया के बॉक्सर ईमान खलीफ और चीनी ताइपे की बॉक्सर लिन यू-टिंग ने अपनी-अपनी कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीते। दोनों बॉक्सरों पर खेलों से पहले जेंडर टेस्ट में फेल होने का आरोप लगा था। खलीफ खासकर तब चर्चा में आए जब इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन ने दावा किया कि अल्जीरियाई बॉक्सर नई दिल्ली में 2023 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप के दौरान जेंडर टेस्ट में फेल हो गए थे। 

एक दशक से ज्यादा समय से अंतर्राष्ट्रीय खेल महिला कैटेगरी में ट्रांसजेंडर और डीएसडी एथलीटों की भागीदारी के मुद्दे से जूझ रहे हैं। 2021 में न्यूजीलैंड की वेटलिफ्टर लॉरेज हबर्ड ओलंपिक में महिला कैटेगरी में हिस्सा लेने वाली पहली ट्रांसजेंडर महिला बनीं। आईओसी ने गुरुवार को ओलंपिक में महिला कैटेगरी को बचाने के लिए एक नई पॉलिसी में इन फैसलों की घोषणा की। वैश्विक निकाय ने कहा कि उसने प्रभावित एथलीटों के साथ व्यक्तिगत तौर पर परामर्श किया था और आईओसी की एथलीट कमेटी से सलाह ली थी। साथ ही साइंस, इंटरनेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन की पॉलिसी और कानून पर गौर किया था।  

प्रमुख खबरें

UP में Rajya Sabha की 10 सीटों पर नामांकन शुरू, पहले दिन नहीं भरा गया कोई पर्चा

वैश्विक संघर्षों से खाद्य और उर्वरक संकट की आशंका, EAM S Jaishankar ने चेताया

Palghar Court ने अस्पताल तोड़फोड़ मामले में Shiv Sena MLA के बेटे समेत छह की जमानत खारिज की

Begusarai में जीविका कार्यकर्ता से दुष्कर्म, SIT गठित कर पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा