By Ankit Jaiswal | Apr 28, 2026
आईपीएल 2026 अब अपने सबसे रोमांचक दौर में पहुंच चुका है और हर मुकाबले के साथ प्लेऑफ की तस्वीर तेजी से बदल रही है। इस समय कुछ टीमें मजबूत स्थिति में नजर आ रही हैं, जबकि कई दिग्गज टीमों के सामने अब बाहर होने का खतरा साफ दिखने लगा है। मौजूदा हालात को देखते हुए 16 अंक को प्लेऑफ में पहुंचने का सुरक्षित आंकड़ा माना जा रहा है, जबकि 14 अंक पर नेट रन रेट का बड़ा रोल रहने वाला है।
गौरतलब है कि दिल्ली कैपिटल्स के पास भी मौका था, लेकिन हाल ही में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मिली करारी हार ने टीम की स्थिति कमजोर कर दी है। बता दें कि उस मुकाबले में दिल्ली की टीम बेहद खराब प्रदर्शन करते हुए पावरप्ले में ही बड़ा नुकसान झेल गई और पूरी टीम कम स्कोर पर सिमट गई। इसके बाद टीम का नेट रन रेट भी काफी गिर गया है, जो आगे चलकर मुश्किलें बढ़ा सकता है। अब दिल्ली को बचे हुए मैचों में लगभग सभी मुकाबले जीतने होंगे, जो मौजूदा फॉर्म को देखते हुए चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।
कोलकाता नाइट राइडर्स की बात करें तो टीम अंकतालिका में निचले हिस्से में बनी हुई है। हालांकि लखनऊ के खिलाफ सुपर ओवर में मिली जीत ने उम्मीदें जरूर जिंदा रखी हैं, लेकिन अब टीम के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है। प्लेऑफ में पहुंचने के लिए कोलकाता को अपने ज्यादातर मुकाबले जीतने होंगे, वरना सफर यहीं खत्म हो सकता है।
मुंबई इंडियंस की स्थिति भी कुछ अलग नहीं है। पांच बार की चैंपियन टीम इस समय अंकतालिका में पीछे चल रही है और हाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मिली बड़ी हार ने उसकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। टीम का नेट रन रेट भी गिरा है, जिससे अब हर मैच में न सिर्फ जीत बल्कि बड़े अंतर से जीत जरूरी हो गई है। बता दें कि मुंबई को प्लेऑफ में पहुंचने के लिए अपने बचे हुए मैचों में लगभग सभी मुकाबले जीतने होंगे।
लखनऊ सुपर जायंट्स की हालत सबसे ज्यादा चिंताजनक मानी जा रही है। टीम अंकतालिका में सबसे नीचे है और उसका नेट रन रेट भी बेहद खराब है। ऐसे में अगर एक भी हार मिलती है, तो प्लेऑफ की उम्मीद लगभग खत्म हो सकती है। लखनऊ के लिए अब हर मुकाबला नॉकआउट की तरह है और टीम को बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी ताकि नेट रन रेट में सुधार हो सके।
आईपीएल के प्लेऑफ फॉर्मेट की बात करें तो शीर्ष दो टीमों को बड़ा फायदा मिलता है। बता दें कि पहले और दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच क्वालिफायर मुकाबला होता है, जिसमें जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचती है। वहीं तीसरे और चौथे स्थान की टीमों के बीच एलिमिनेटर खेला जाता है, जिसमें हारने वाली टीम बाहर हो जाती है। इसके बाद क्वालिफायर मुकाबले में हारने वाली टीम और एलिमिनेटर जीतने वाली टीम के बीच दूसरा क्वालिफायर खेला जाता है, जिसका विजेता फाइनल में जगह बनाता है।
अब लीग का हर मुकाबला बेहद अहम हो गया है। जहां कुछ टीमें आराम की स्थिति में हैं, वहीं कई टीमों के लिए अब हर मैच आखिरी मौका साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में अंकतालिका में बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं और यही आईपीएल के इस सीजन को और भी दिलचस्प बना रहा है।