By अभिनय आकाश | Sep 21, 2026
ईरान ने अपने सबसे बड़े और घातक मिलिट्री अलर्ट प्रोटोकॉल कोड 100 को एक्टिवेट कर दिया है। इस आदेश के साथ ही ईरान की पूरी सेना हाई अलर्ट पर आ चुकी है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), नियमित सेना 'अर्टेश', देश का संपूर्ण एयर डिफेंस सिस्टम और इंटरनल सिक्योरिटी यूनिट्स को वॉर-मोड यानी मैक्सिमम ऑपरेशनल रेडीनेस पर तैनात कर दिया गया है। किसी भी क्षण बड़े सैन्य टकराव की आशंका जताई जा रही है, और इस एक फैसले ने पूरे इलाके में बारूदी तनाव को चरम सीमा पर पहुंचा दिया है। यह अचानक अलर्ट सप्ताहांत में हुई कई घटनाओं के बाद जारी किया गया है, जिनमें सबसे अहम घटना यमन में ईरान-समर्थित हूथी बलों द्वारा सऊदी अरब की राजधानी रियाद पर किया गया बड़ा बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमला था। अमेरिकी विदेश विभाग ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी ज़रूरी चेतावनी जारी की और अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी कि वे अचानक तनाव बढ़ने, कमर्शियल उड़ानों के रद्द होने और संभावित रूप से क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र के बंद होने जैसी स्थितियों के लिए तैयार रहें। हालात की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक कैंप डेविड में अपना प्रवास छोटा कर दिया और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी बिना पहले से तय ब्रीफिंग के लिए व्हाइट हाउस लौट आए। हालांकि ईरान के सरकारी मीडिया ने कोड 100 शब्द के सटीक अर्थ के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन जानकारों और ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) नेटवर्क का कहना है कि ईरान के अंदर सेना की हलचल ऐसी है, जैसी आमतौर पर किसी आसन्न सीधे टकराव की स्थिति में देखी जाती है।
इसकी तत्काल वजह यमन से हूती बलों द्वारा किया गया बड़ा हमला हो सकता है, जिसमें उन्होंने सऊदी अरब की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और लंबी दूरी के अटैक ड्रोन दागे थे। सऊदी एयर डिफेंस फोर्स ने पुष्टि की कि राजधानी रियाद को निशाना बनाने वाले कई हमलों को पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम की मदद से सफलतापूर्वक रोक दिया गया।