By अभिनय आकाश | Jul 08, 2026
ट्रंप की जुबान या फिर कोई 'मिसाइल लांचर'! पिछले दो दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया का भूगोल और देशों के करैक्टर सर्टिफिकेट ऐसे बदले हैं जैसे कोई बच्चा ताश के पत्ते पलटता है। नाटो सम्मेलन में पहुंचे ट्रंप ने एक तरफ ईरान को 'बीमार' घोषित कर डील कैसिंल कर दी तो दूसरी तरफ नाटो के खास पार्टनर्स की क्लास लगाते हुए स्पेन से बिजनेस बंद करने का फरमान सुना दिया। यहाँ तक कि इटली पर तो उनका 'कभी नीम-नीम कभी शहद-शहद वाला स्टैंड नजर आया। डेनमार्क के ग्रीनलैंड पर फिर से अपनी दावेदारी ठोक दी। तुर्किए के पाप धोते हुए उन पर से प्रतिबंध हटा दिए, तो पुतिन और जेलेंस्की को शांति का पाठ पढ़ाते-पढ़ाते खुद के 'आठ युद्ध रुकवाने' का ऐसा मेडल सीने पर टांग लिया, जिसे सुनकर भारत-पाकिस्तान भी हैरान हैं। कुल मिलाकर, 48 घंटे के भीतर ट्रंप ने पूरी दुनिया के कूटनीतिक गलियारों में वो 'रायता' फैला दिया है, जिसे समेटने में अब सालों लग जाएंगे।
ट्रंप ने अंकारा में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने माना कि हाल ही में इटली की प्रधानमंत्री के साथ रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि वह एक अच्छी इंसान हैं; असल में, हमारा हफ़्ता अच्छा रहा। हमारे रिश्ते खराब थे। वे थोड़े खराब इसलिए हो गए क्योंकि उन्होंने हमारी मदद करने से फिर से इनकार कर दिया था। उन्होंने आगे कहा मुझे लगता है कि वह असल में एक अच्छी इंसान हैं। लेकिन मुझे लगता है कि उन्होंने गलती की," उन्होंने ईरान के साथ संघर्ष के दौरान अमेरिका की मदद करने से इटली के इनकार का ज़िक्र करते हुए यह बात कही। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अमेरिकी सैन्य अभियान का समर्थन करने के लिए मेलोनी पर "बहुत ज़्यादा दबाव" नहीं डाला था। हालाँकि, उन्होंने माना कि इटली के फ़ैसले ने उनके रिश्तों में थोड़ी खटास पैदा कर दी थी।
मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ अंतरिम समझौता ‘समाप्त’ हो गया है लेकिन वह बातचीत जारी रहने देंगे। ट्रंप ने युद्धविराम की स्थिति के बारे में पूछे जाने पर कहा मुझे लगता है कि यह समाप्त हो गया है। उनके साथ बात करना समय की बर्बादी है। उन्होंने अपने बयान में ये तक कह दिया कि ईरानी बीमार लोग हैं. मैं उनसे कोई डील नहीं करना चाहता। ईरान के साथ किसी नए समझौते की उनकी कोई ख्वाहिश नहीं है। मेरा मानना है कि यह मुद्दा अब खत्म हो चुका है। ट्रंप ने यह टिप्पणी तुर्किये के अंकारा में दो दिवसीय उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) शिखर सम्मेलन से इतर की। इससे कुछ घंटे पहले अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे, जिन्हें उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर ईरानी हमलों की जवाबी कार्रवाई बताया था।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नेकहा कि अमेरिका तुर्किये पर से वे प्रतिबंध हटा लेगा जो अंकारा द्वारा रूसी मिसाइल रक्षा प्रणाली खरीदने के बाद लगाए गए थे। इसी खरीद की वजह से तुर्किये को एफ-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम से बाहर कर दिया गया था। तुर्किये को अमेरिकी कार्यक्रम में पूरी तरह से वापस शामिल करने से पहले अब भी कई कानूनी अड़चनें हैं, लेकिन ‘काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शंस एक्ट’ (सीएएटीएसए) के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने से अंकारा के लिए एफ-35 तक फिर से पहुंच हासिल करने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की अपने देशों के बीच जारी युद्ध को समाप्त करना चाहते हैं। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रूस ने कीव पर ताजा हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई। अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन इस युद्ध को खत्म करना चाहते हैं। मैं यह बात पूरे दृढ़ता से कह सकता हूं। हमारी अच्छी बातचीत हुई। राष्ट्रपति जेलेंस्की भी अब वास्तव में युद्ध समाप्त करना चाहते हैं। हम नाटो सम्मेलन में जा रहे हैं और वहां भी इस मुद्दे पर चर्चा होगी।’ ट्रंप न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज और नैस्डैक में बच्चों के लिए ट्रंप अकाउंट्स योजना की शुरुआत के अवसर पर ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सप्ताहांत में उन्होंने पुतिन और ज़ेलेंस्की से फोन पर अलग-अलग बातचीत कर यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा की। रूस-यूक्रेन युद्ध का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान सहित आठ युद्धों को रुकवाया।