By अभिनय आकाश | Mar 11, 2026
वो मित्र देश जिसके साथ भारत का रिश्ता सदियों पुराना है, सांस्कृतिक है, ऐतिहासिक है और रणनीतिक भी है। आज पश्चिम एशिया में जंग छिड़ी हुई है। जहां 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आया अली खामने की जान चली गई। ईरान इसे शहादत बता रहा है। कह रहा है कि यह शहादत है और दुनिया भर में सदमा पसरा हुआ है। लेकिन भारत ने इस दर्द में ईरान का पूरा साथ दिया है और अब ईरान ने खुद भारत को थैंक यू बोल दिया है। और फिर भारत के विदेश मंत्री ने फोन घुमाया ईरान के विदेश मंत्री को। लेकिन तभी खेल हुआ चीन की तरफ से हारमुद स्टेट में और चीन ने वहां बड़ा खेल कर दिया। और बड़ा सवाल यहीं पर खड़ा हो गया कि क्या भारत के जहाजों की सुरक्षा हारमूज में ईरान करेगा? चलिए जानते हैं इस सबसे बड़े सवाल का जवाब इस एपिसोड में। अब सबसे पहले जान लीजिए ईरान ने भारत को थैंक्यू में क्या कहा?
दरअसल ईरान के इस्लामिक गणराज्य का दूतावास भारत के उन सभी महान नागरिकों, सरकारी अधिकारियों, राजनीतिक दलों और धार्मिक नेताओं और इतना ही नहीं विद्वानों, शिक्षाविदों और मीडिया कर्मियों के प्रति अपने हार्दिक आभार और कृतज्ञता व्यक्त करता है। इतना ही नहीं ईरान की तरफ से यह भी कहा गया कि जिन्होंने इस्लामी गणराज के सर्वोच्च नेता आया खामने की शहादत के अवसर पर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर करने के लिए दूतावास का दौरा किया और ईरान के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उनकी बहुमूल्य उपस्थिति और हार्दिक एकजुटता की अभिव्यक्ति के लिए हम अत्यंत आभारी हैं। यानी कि ईरान ने पूरे भारत के सामने हाथ जोड़कर थैंक यू बोला और यह दोस्ती का थैंक यू है। बता दें कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका इजराइल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आया अली खामने की जान चली गई और ईरान ने इसे शहादत कहा। जिसने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया क्योंकि यह बहुत बड़ी खबर है और इस दुखद घटना पर भारत के कई नागरिकों, सरकारी अधिकारियों, राजनीतिक दल, धार्मिक नेता, विद्वान, शिक्षावित और मीडिया कर्मियों ने ईरान की दूतावास में शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए और ईरानी लोगों के साथ संवेदना जताई। और अब इसी को लेकर ईरान ने थैंक यू बोला।
भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराची से फोन पर काफी देर बात की। दरअसल जयशंकर ने खुद सोशल मीडिया पर लिखा कि हम लोगों ने क्या बातचीत की। तो इस दौरान उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच मौजूदा हालात क्षेत्रीय तनाव स्टेट ऑफ हरमूज में शिपिंग सिक्योरिटी पर विस्तृत चर्चा हुई। यानी कि सबसे मेन पॉइंट था स्टेट ऑफ आर्मच। दोनों पक्षों ने आगे संपर्क बनाए रखने पर सहमति भी जताई और यह बातचीत 2026 में कई बार हुई है। एक बार नहीं कम से कम यह तीसरी बार है जिससे साफ है कि भारत ऊर्जा सुरक्षा और भारतीय नाविकों जहाजों की सुरक्षा के लिए सक्रिय कूटनीति चला रहा है। तो वहीं ईरान ने इस फोन कॉल में स्पष्ट किया कि वह स्टेट ऑफ हार्मोस को फिलहाल पूरी तरह बंद नहीं कर रहा है।