ट्रंप को झूठा बता ईरान बोला मारता रहूंगा मिसाइल, बम के गुच्छों से यरुशलम को दहलाया

By अभिनय आकाश | Mar 24, 2026

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध अब सिर्फ मिसाइलों का नहीं बल्कि दावों और सच्चाई की जंग बन चुका है। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बहुत बड़ा दावा किया है और यह दावा यह था कि ईरान अब कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं बनाएगा। लेकिन कहानी में ट्विस्ट बचा था। ईरान ने इस दावे को सीधे-सीधे झूठ बता दिया।  दरअसल बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बहुत ही प्रोडक्टिव बातचीत हुई है और ईरान ने न्यूक्लियर हथियार ना बनाने पर सहमति भी दे दी है और इसी गुडविल जेस्चर के तहत अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले 5 दिनों के लिए रोक दिए गए और साथ ही स्टेट ऑफ हॉर्मोस को खोलने की जो सीमा थी उसे भी समय सीमा को बढ़ा दिया गया। लेकिन बता दें कि तेहरान का जो जवाब सामने आया वह बिल्कुल ही उलट है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने यह एकदम साफ कहा है कि अमेरिका के साथ कोई भी बातचीत नहीं हो रही है। 

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ट्रंप का यह जो दावा है वह बिल्कुल फर्जी और गुमराह करने वाला है। और ईरान का यह भी कहना है कि जब तक इजराइल हमले नहीं रोकता तब तक किसी भी बातचीत का कोई सवाल ही नहीं उठता है। अब समझिए कि इस पूरे विवाद का मुद्दा आखिरकार क्या है? दरअसल ईरान का यह कहना है कि जो उसका न्यूक्लियर प्रोग्राम है वो सिर्फ बिजली उत्पादन और मेडिकल उपयोग के लिए ही है। लेकिन अमेरिका और इजराइल ने यह आरोप लगाया है कि ईरान 90% तक यूरेनियम समृद्ध कर चुका है और वो कभी भी परमाणु बम बना सकता है और यहीं से इस पूरे तनाव की इस संघर्ष की जड़ जुड़ी हुई है। यह विवाद बता दें कि नया नहीं है। 2015 में जॉइंट कॉम्प्रहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन के तहत एक समझौता हुआ था। ईरान सीमित न्यूक्लियर गतिविधि करेगा और बदले में उस पर लगे जो भी प्रतिबंध है वह हटाए जाएंगे। लेकिन 2018 में ट्रंप ने इस डील से अमेरिका को बाहर कर लिया और उसके बाद यहीं से तनाव फिर से बढ़ गया। इस पूरे संकट का सबसे बड़ा असर ग्लोबल ऑयल मार्केट पर पड़ रहा है। क्योंकि बता दें कि दुनिया की 20% तेल सप्लाई इसी स्टेट ऑफ हॉर्मोस से गुजरती है। ट्रंप के बयान के बाद तेल की कीमतों में मामूली गिरावट जरूर आई। लेकिन जब ईरान ने इंकार कर दिया तो उसके बाद फिर से यह बढ़ गई और भारत जैसे देशों के लिए महंगाई और ईंधन कीमतों का खतरा भी बढ़ गया है। 

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ट्रंप ने ईरान के बारे में में ऐसी बातें क्यों कही तो एक्सपर्ट्स यह मानते हैं और एक्सपर्ट्स के मुताबिक इसके पीछे तीन बड़े कारण जो है वह सामने आए हैं। पहला है कूटनीतिक दबाव। ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करना। दूसरा सैन्य रणनीति समय हासिल करना और आर्थिक संकेत भी दिया गया है कि तेल और बाजार को स्थिर करना जो अब सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। 

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