By अंकित सिंह | Oct 21, 2026
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वाशिंगटन का लंबे समय से चला आ रहा विवाद महज एक "बहाना" है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लामिक गणराज्य ने पिछले अंतरराष्ट्रीय समझौतों की शर्तों का पालन किया, लेकिन अमेरिका ने बिना किसी उचित कारण के इन समझौतों को "छोड़" दिया। इराक के 'अल-इखबारिया' नेटवर्क को दिए एक साक्षात्कार में, अराघची ने कहा कि वाशिंगटन का असली विरोध इस बात को लेकर है कि ईरान मध्य पूर्व में अमेरिकी वर्चस्व को स्वीकार करने से इनकार करता है।
अरागची ने कहा कि हमने परमाणु मुद्दे पर दुनिया के साथ एक समझौता किया था और पूरी दुनिया ने उस समझौते का स्वागत किया था; लेकिन अमेरिकी पक्ष ने बिना कोई सबूत दिए खुद को इससे अलग कर लिया और समझौते को छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद में भी ठीक ऐसा ही हुआ। राजनयिक तनाव और सैन्य लामबंदी के बावजूद, अरागची ने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन को पता है कि सीधा सैन्य संघर्ष शुरू करने की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि ईरान की रक्षा तैयारियां अमेरिकी आक्रामकता को रोकने का मुख्य जरिया हैं।
अरागची ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिकी अच्छी तरह जानते हैं कि वे युद्ध के जरिए अपना कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मेरी राय में, अमेरिका द्वारा कोई नया युद्ध शुरू करने से रोकने वाली सबसे बड़ी चीज ईरान की यह पूरी तैयारी है। इससे पहले शनिवार को (स्थानीय समयानुसार), अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भरोसा जताया कि ईरान के साथ चल रहा मौजूदा संघर्ष "बहुत जल्दी" खत्म हो जाएगा। उन्होंने फिर दोहराया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे।