ईरान का बूढ़ा शिकारी तो जिंदा है, नहीं माना अमेरिका तो हो जाएगा तबाह

By अभिनय आकाश | Jun 13, 2026

40 दिनों की जंग हो या उससे पहले 12 दिनों की जंग या उससे पहले भी हुई झड़पें हो। दुनिया ने अमेरिका ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन का जलवा देखा ही है और पूरी दुनिया इनका लोहा भी मानती है।  ईरान के पास एयरफोर्स भी है और एयरफोर्स ने अब एक ऐसा शिकारी निकाला है जो इस जंग का रुख पलट कर रख देगा। ईरान में पहाड़ों के नीचे बनी खंदकें और खंदकों में मौजूद उनके एयरबेस में से ईरान का वह शिकारी निकला है जो कि 50 सालों से से छिपा कर रखा गया था अमेरिका और दुनिया की नजर से इसमें वो ताकत है जो अमेरिकन मिसाइल टॉम हॉक को तो चूरा बनाकर रख देगा हवा में ही भस्म कर देगा। 

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ट्रंप और पेंटागन के जनरलों की रातों की नींद उड़ जाएगी। जिसमें पहली बार F14 टॉम कैट लड़ाकू तैयारे को एक बेहद ही सीक्रेट और लाइव कॉम्बैट मिशन को अंजाम देकर शान से रनवे पर लैंड करते हुए दिखाया गया है। यह वीडियो ईरान की तरफ से जारी किया गया है।अब 50 साल बाद फिर वही टॉम कैट निकला है अमेरिका के खिलाफ। आप सोचते होंगे कि टॉम कैट F14 तो अमेरिका ने बनाया था। फिर अमेरिका के खिलाफ कैसे? तो टॉम कैट इस बार निकला है ईरान की खंदकों से आसमान को नापने के लिए। दरअसल अब टॉम कैट ईरान का है। तकनीक भले ही अमेरिका की हो लेकिन ईरान का यह ब्रह्मास्त्र अमेरिका की मिडिल ईस्ट में हालत खराब करके रख देगा। तो ईरान ने अपने सबसे बड़े और सबसे खतरनाक इके को दुनिया के सामने रख दिया है। F14 टॉम कैट को अब तक दुनिया की नजरों से छिपा कर रखा गया था। पूरी दुनिया में ईरान ही एकमात्र ऐसा देश है जो आज भी इस खूंखार विमान को उड़ाने का दम रखता है। 

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यह इस्लामिक रेवोल्यूशन की तकनीक और इंजीनियरिंग का ही कमाल है कि उन्होंने 50 सालों तक इस तकनीक को अमेरिका और दुनिया की नजर से उनकी खुफिया एजेंसियों से इसराइल की खुफिया एजेंसियों से छिपा कर रखा। एक दौर में अमेरिका के बेहद करीबी और आज भी अमेरिका की शरण में रह रहे ईरान के शाही परिवार ने शाह राजशाही के दौर में यानी 1970 में अमेरिका से पूरे 79 F14 टॉम कैट सुपरसोनिक फाइटर जेट ईरानी एयरफोर्स के लिए खरीदे थे। 1979 में ईरान में इस्लामिक क्रांति हुई और अमेरिका और ईरान के संबंध खराब हो गए। अमेरिका ने ईरान पर भारी सेंशन लगा दिए। उस वक्त अमेरिका ने टॉम हॉक फाइटर जेट के पार्ट्स ही बेचना बंद कर दिए ताकि वह ईरान तक पहुंच ही ना सके। अमेरिका को लगा था कि यह खतरनाक जेट ईरान के पास रखे रखे कबाड़ में तब्दील हो जाएगा। लेकिन उनका अंदाजा गलत निकला। ईरान मामलों के जानकार कहते हैं कि जहां से अमेरिका की सोच खत्म होती है वहीं से ईरान सोचना शुरू करता है। इस्लामिक रेवोल्यूशन ने साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और नए आविष्कारों पर पूरी ताकत लगा दी। ईरान के तकनीशियंस ने F14 टॉम कैट पर और काम किया और उसे अपने हिसाब से ढाल लिया। सोचिए 50 सालों तक इस फाइटर जेट को अमेरिकी और इसरली खुफिया एजेंसियों से छिपा कर रखना कितना मुश्किल रहा होगा। लेकिन ईरान ने यह साबित किया। 

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