By अभिनय आकाश | Jul 06, 2026
ईरान के दिव्यांगत सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई के अंतिम संस्कार में पहुंचे पूर्व रूसी राष्ट्रपति मेदवदेव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने होर्मुज स्टेट को ईरान का थर्मोन्यूक्लियर हथियार करार दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने इस युद्ध में होर्मुज स्टेट का जिस तरीके से उपयोग किया वह एक तरह से रणनीतिक शक्ति का प्रदर्शन था। उन्होंने कहा कि ईरान ने इस युद्ध में एक ऐसा हथियार खोज लिया है जो किसी भी तरह से परमाणु हथियार से कम नहीं है। खाममेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद अपने व्यक्तित्वमें मेदवेदेव ने ईरान के लड़ने की क्षमता की तारीफ भी की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान ने हॉर्मोस पर अपना नियंत्रण दिखाकर साबित किया है कि वह इस क्षेत्र की कितनी बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा, युद्ध के दौरान ईरान ने जहाजों की आवाजाही को रोक कर निश्चित रूप से अपनी रणनीतिक शक्ति दिखाई है।
28 अप्रैल को शांति वार्ता के बीच ही अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर हमला बोल दिया। पहले ही दिन ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके सुरक्षा बल मारे गए। इसके बाद कई दिनों तक यह युद्ध जारी रहा। इसके बाद ईरान ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला किया। लगातार होते युद्ध के बाद ईरान ने हॉर्मोस पर रोक लगा दी और पूरा विश्व ऊर्जा संकट से जूझने लगा। कुछ दिनों का सोचकर युद्ध में उतरे अमेरिका के लिए अब बड़ा संकट था। एक महीने के युद्ध के बाद ट्रंप प्रशासन शांति वार्ता की तरफ आगे बढ़ने लगा। बाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता से दोनों के बीच शांति हुई, लेकिन अभी भी समझौता काफी दूर नज़र आ रहा है।