Hormuz में अब यूं दिखी ईरान-रूस की दोस्ती, बस देखता ही रह गया US!

By अभिनय आकाश | Apr 30, 2026

ईरान के लिए अब जंग में रूस कूद चुका है। पुतिन ने तो खुल्ला ऐलान भी कर रखा है कि ईरान के लिए रूस हर जगह मौजूद है और उस शक्ति के खिलाफ है जो उसे खत्म करने की सोच रखती है। और यही बयान अब सीधे अमेरिका के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनता हुआ दिख रहा है क्योंकि जिस वक्त वाशिंगटन ईरान को घेरने में लगा है उसी वक्त मौस को खुलकर उसके साथ खड़ा नजर आ रहा है। हालिया घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ कूटनीति नहीं बल्कि खुला पावर गेम है। जहां दो बड़े ब्लॉक आमने-सामने दिख रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास जरा का रूस पहुंचना और वहां व्लादमीर पुतिन से मुलाकात करना महज एक औपचारिक बैठक नहीं थी बल्कि एक रणनीतिक संकेत था कि ईरान अब अकेला नहीं है और उसके पीछे एक बड़ी ताकत खड़ी है। 

इसे भी पढ़ें: Doval-MBZ की हुई मीटिंग, ठीक 2 दिन बाद UAE ने लिया ऑयल मार्केट को हिलाने वाला फैसला, भारत के लिए सस्ते तेल का रास्ता कैसे खुल रहा है?

यहीं से यह पूरा मामला सिर्फ एक समुद्री घटना नहीं बल्कि एक बड़ा संकेत बन जाता है कि रूस और ईरान के बीच बढ़ती नजदीकियां जमीन पर भी असर दिखाने लगी हैं। दरअसल ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि जब तक अमेरिका का दबाव जारी रहेगा वह इस रास्ते पर नियंत्रण बनाए रखेगा और अमेरिका ने भी यहां अपनी मौजूदगी बढ़ा ली है। लेकिन इसके बावजूद इस तरीके का मूवमेंट यह दिखाता है कि पूरी तस्वीर उतनी सरल नहीं है जितनी दिखाई जा रही है। रूस और ईरान के रिश्ते लंबे समय से मजबूत रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ सालों में यह साझेदारी और गहरी हो गई। साल 2025 में दोनों देशों के बीच सुरक्षा और खुफिया सहयोग को लेकर बड़ा समझौता हुआ और अब युद्ध के बाद यह संबंध खुलकर सामने आ रहे हैं। पुतिन ने अरासी से मुलाकात के दौरान यह भी कहा कि उन्हें ईरान के सुप्रीम लीडर मुस्तबा खामनई का संदेश मिला है और उन्होंने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। 

प्रमुख खबरें

Tom Holland का बड़ा खुलासा, एक जवाब से Confirm हुई Zendaya संग Secret Wedding!

भारत ने ट्रक पर लादी क्रूज मिसाइल, बटन दबाते ही जो हुआ...

हरियाणा CM Nayab Saini का दावा: Punjab में भी Modi की Double Engine सरकार की चाहत

Reliance के शेयर ने पकड़ी रफ्तार, Meta Deal और सस्ते Crude Oil ने AGM से पहले भरा जोश